आठ नायक, जिनके परिजनों को दी जाएगी सम्मान राशि
1- दिनेश कुमार
नांगलोई निवासी दिनेश कुमार सीआरपीएफ के 205 कोबरा बटालियन में बतौर इंस्पेक्टर काम करते थे। 2013 में एक आईडी विस्फोट में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। वे काफी लंबे समय तक अस्पताल में रहे और 2017 में उनका निधन हो गया।
2- जयंत जोशी
द्वारका निवासी कैप्टन जयंत जोशी सेना में को-पायलट थे और पठानकोट के पास उनका हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उन्हें पठानकोट के आर्मी हॉस्पिटल में ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।
3- महावीर
दिल्ली पुलिस में बतौर एसआई महावीर जी सरस्वती गार्डन में रहते थे। मेहता चौक पॉइंट पर ड्यूटी के दौरान वे एक वाहन की चपेट में आ गए। अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
4- प्रवीण कुमार
दिल्ली फायर डिपार्टमेंट में प्रवीण कुमार जी फायर ऑपरेटर थे। एक दिन डिस्पोजेबल प्लेट बनाने की एक फैक्ट्री में आग लग गई। वे आग बुझाने के लिए वहां पर पहुंचे। फैक्ट्री का पिछले वाला पूरा हिस्सा अचानक गिर गया। प्रवीण कुमार उसकी चपेट में आ गए और शहीद हो गए।
5- राधेश्याम
रोहिणी निवासी राधेश्याम जी दिल्ली पुलिस के बुराड़ी ट्रैफिक सर्कल में बतौर एएसआई ड्यूटी पर थे। उन्होंने देखा कि एक वाहन ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं कर रहा है। उसको पकड़ने के चक्कर में वो दूसरे वाहन की चपेट में आ गए और उनका निधन हो गया।
6- भरत सिंह
नरेला निवासी दिल्ली होमगार्ड के जवान भरत सिंह जी 6 जनवरी 2021 की रात को आउटर रिंग रोड, मुकरबा चौक फ्लाईओवर पर नाइट पेट्रोलिंग कर रहे थे। पेट्रोलिंग के दौरान एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी और मौके पर ही उनका निधन हो गया।
7- नरेश कुमार
वेस्ट विनोद नगर निवासी दिल्ली होमगार्ड के जवान नरेश कुमार जी लक्ष्मी नगर थाने में कार्यरत थे। पिकेट ड्यूटी के दौरान वो एक वाहन के शिकार हो गए। वाहन ने उनको अपनी चपेट में ले लिया।
8- पुनीत गुप्ता
पांडव नगर निवासी पुनीत गुप्ता जी सिविल डिफेंस वालंटियर थे। चेकिंग के दौरान उन्होंने देखा कि ढांसा की तरफ से एक ट्रक आ रहा है। उन्होंने उस ट्रक को रोकने की कोशिश की। ट्रक रुकने के बजाय उन्हें टक्कर मारकर भाग गया। मौके पर ही उनका निधन हो गया।