देश भर के सरकारी स्कूलों की बदहाली से हम अनजान नहीं हैं। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की स्थिति से तो सब वाकिफ हैं, लेकिन उसके कारणों का बहुत कम लोगों को पता है। बहुत कम लोग जानते हैं कि स्कूलों की इस बदहाली के लिए जिम्मेदार कौन लोग हैं।
दरअसल जिनकी पीठ पर इन स्कूलों और यहां पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी दी गई है, वही इनके विध्वंसक बन बैठे हैं। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक वीडियो वायरल हुआ है जो सरकारी स्कूलों की सारी पोल-पट्टी खोल रहा है।
इस वीडियो में एक सरकारी स्कूल में एक शिक्षिका छोटे बच्चों को पढ़ा रही हैं। पूछने पर वह बताती हैं कि वो इस स्कूल में बतौर प्रइवेट टीचर काम करती हैं और वही बच्चों को पढ़ाती हैं। सरकारी टीचर की उपस्थिति के बारे में पूछने पर बहुत सोच समझ कर बताया गया कि वो आते हैं, केवल आज यानी जिस दिन वीडियो बनाया गया उस दिन नहीं आए थे।
यह वीडियो बरेली के ग्राम कतुरोई ठकुरान के एक सरकारी स्कूल का है। गुरुवार को एक व्यक्ति ने इस स्कूल में पढ़ा रही प्राइवेट टीचर का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। वीडियो को शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी प्रेषित कर दिया गया है।
आसपास के लोगों ने बताया कि इस स्कूल में पंजीकृत 128 बच्चों को पढ़ाने के लिए पहले दो अध्यापक थे, जिनमें से एक अध्यापक वरुण कुमार का ट्रांसफर हो गया। उसके बाद से इस विद्यालय की व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ा गई। ग्रामीणों ने बताया कि अभी विद्यालय में विकास रस्तोगी नाम के एक शिक्षक नियुक्त हैं, जो बरेली में कोचिंग सेंटर चलाते हैं और सप्ताह में एक दिन आकर हस्ताक्षर करके चले जाते हैं।उन्होंने स्कूल में पढ़ाने के लिए एक प्राइवेट टीचर को कुछ मानदेय पर रख लिया है। उसी के सहारे स्कूल संचालित होता है।
सरकार की तरफ से मिलने वाली मोटी तन्ख्वाह के बावजूद सरकारी शिक्षक निजी ट्युशन और कोचिंग चलाने में व्यस्त हैं और उनके माध्यम से पैसा बनाने का गोरखधंधा कर रहे हैं। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए शिक्षकों का यह रवैया बेहद घातक हो सकता है।