दिल्ली सरकार जेएनयू मामले में दिल्ली पुलिस की चार्जशीट पर अभी कानूनी राय ले रही है। मंजूरी के लिए भेजी गई फाइल गृह मंत्री सत्येंद्र जैन के पास है। सरकारी सूत्र बताते हैं कि सरकार के पास फाइल मंजूर करने के लिए तीन महीने का वक्त है। इस बीच, कानून विशेषज्ञों की राय के आधार पर फैसला हो जाएगा।
दरअसल, देशद्रोह के मामले में चार्जशीट दाखिल करने के लिए पुलिस को राज्य सरकार से अनुमति लेनी होती है। 2016 में जेएनयू कैंपस में देशविरोधी नारे लगाने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने एक सप्ताह पहले अदालत में जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें राष्ट्रद्रोह समेत अन्य संगीन धाराएं लगाई गई हैं।
पुलिस ने चार्जशीट दाखिल करने के साथ ही मंजूरी के लिए फाइल दिल्ली सरकार को भेजी थी। सरकार ने अब तक इसे मंजूरी नहीं दी है। विशेषज्ञों ने सुब्रमण्यम स्वामी बनाम पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मामले में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए बताया है कि सरकार के पास इसे मंजूरी देने के लिए तीन माह का समय है। इस बीच सरकार फैसला नहीं लेती तो चार्जशीट पर उसकी रजामंदी मानी जाएगी। इसके बाद अदालत आगे कार्यवाही करेगी।