सौरभ भारद्वाज ने बताया कि हथिनी कुंड बैराज से दो लाख क्यूसेक से ज्यादा क्षमता के साथ पानी छोड़ा जा रहा है। इस कारण यमुना नदी में एक बार फिर जलस्तर 206 मीटर से अधिक पहुंच गया है और सोमवार को जलस्तर और अधिक बढ़ जाएगा। इस कारण दिल्ली सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है। उन्होंने बताया कि जिन जगहों से पानी यमुना नदी से बाहर निकलकर पहले सड़कों पर आ गया था, उन सभी जगहों की पूरी तरह से निगरानी की जा रही है और उन जगहों पर इस तरह की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि दीवार बनाकर और अन्य व्यवस्थाएं करके सड़कों पर पानी आने से रोकने की तैयारी की गई है। इस कार्य को करने के लिए सरकार ने 60 अलग-अलग टीमों का गठन किया है। यह टीमें यमुना नदी का पानी आने वाले स्थानों पर मुस्तैदी के साथ निगरानी रखे हुए है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यमुना नदी के समीप वाले निचले क्षेत्रों में रहने वाले सभी लोगों को बाहर निकाल कर राहत शिविर कैंपों में शिफ्ट कर दिया गया था। इसके अलावा उन क्षेत्रों में सरकार की तरफ से मुनादी की जा रही है कि कोई भी व्यक्ति उस निचले क्षेत्र में ना जाए। सभी राहत शिविर में लोगों को खाने पीने की सभी व्यवस्थाएं सरकार की तरफ से मुहैया कराई जा रही है। शिविर कैंपों में दो डॉक्टरों और उनके साथ कुछ स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है, जो लगातार वहां रहने वाले लोगों की देखरेख में लगे हुए है। उन्होंने कहा कि जब तक इन क्षेत्रों से पानी पूरी तरह से हट नहीं जाएगा तब तक इन लोगों को राहत शिविरों में ही सभी सुविधाओं के साथ रखा जाएगा।
जल मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बताया कि तीनों संयंत्रों के आसपास की दीवारों को काफी ऊंचा कर दिया गया है और यमुना नदी का जलस्तर 209 मीटर तक पहुंचने पर भी उनके अंदर पानी नहीं घुस पाएगा और इस बार संयंत्रों को बंद करने की नौबत नहीं आएगी। उन्होंने रविवार को वजीराबाद जल शोधक संयंत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने यमुना नदी में दोबारा से जलस्तर बढ़ने के मद्देनजर यह दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को मुस्तैद रहने और इस समस्या से निपटने के लिए सभी जरूरी एवं संभव कदम उठाने के निर्देश दिए I