शिक्षक बच्चों के समग्र विकास के लिए गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान कर नेतृत्व के साथ आगे बढ़ें। सरकारी अध्यापकों को आत्म विश्लेषण कर सजग होने की जरूरत है और मेहनत के साथ सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास करने होंगे। जिससे कि आने वाला समय उनके अनुकूल होगा।
यह अपील रविवार को स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने अध्यापकों से की। वे सेक्टर 14 स्थित डीएवी स्कूल के श्रद्वानंद सभागार में फरीदाबाद मंडल की एक दिवसीय कक्षा तत्परता विषय पर आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे।
कार्यशाला में प्रवेश उत्सव, नये शैक्षणिक सत्र की तैयारियों तथा बच्चों की आनंदपूर्ण गतिविधियों के संचालन पर मंथन हुआ। उन्होंने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में घटती छात्र संख्या पर गहरी चिंता जताई।
राज्य शैक्षिक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केंद्र की निदेशक डा. किरणमयी ने कहा कि इस वर्ष स्कूलों में ज्यादा से ज्यादा बच्चों का प्रवेश करने के लिए विभाग तत्परता से काम करेगा। एसडीएम अमरदीप जैन ने सुझाव दिया कि हर ब्लॉक में 10-10 ऐसे शिक्षकों की पहचान की जाए जिनका आशानुरूप प्रदर्शन नहीं है।
ऐसे शिक्षकों में बदलाव लाने के लिए अधिकारी उन्हें प्रेरित करें। सेमिनार के दौरान स्कूल छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की बेहतरीन प्रस्तुति दी। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी डा. मनोज कौशिक, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सतेंद्र वर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी अनीता शर्मा, परियोजना अधिकारी प्रमोद कुमार सहित पलवल, मेवात, रेवाड़ी, गुरुग्राम के सैकड़ों अध्यापक मौजूद थे।