सरकारी राशन घोटाले में इलेक्ट्रॉनिक्स प्वाइंट ऑफ सेल (ईपीओएस) मशीनों में गड़बड़ी करने के मामले में जिन दो लोगों के नाम सामने आए हैं वे आपूर्ति विभाग में अस्थायी रूप से काम कर रहे थे। आरोपी रोहित कंप्यूटर ऑपरेटर और जीतू आपूर्ति विभाग के एक अधिकारी की गाड़ी चलाता था। एक माह पहले ही दोनों को हटाया गया है। दोनों गाजियाबाद के रहने वाले हैं।
खाद्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक, दोनों आरोपी लंबे समय से गाजियाबाद में तैनात रहे हैं। उसके बाद दादरी तहसील में आपूर्ति विभाग में आ गए। विभाग के अधिकारियों ने इस संबंध में डीलरों से बात की तो उन्होंने बताया कि दादरी में जीतू और रोहित ही मशीन में बिक्री का ब्योरा दर्ज करते थे। वे मशीन को चार से पांच दिनों में लौटाते थे।
हालांकि, विभाग अब भी दोनों को अस्थायी कर्मचारी के रूप में तैनात करने की पुष्टि नहीं कर रहा है। जबकि दोनों को एक माह पहले निकाल दिया गया, लेकिन किस कारण से हटाया गया और फिलहाल कहां है इसे लेकर विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। इधर, अब घोटाला सामने आने पर अब इलेक्ट्रॉनिक्स प्वाइंट ऑफ सेल मशीनों को नई तकनीक से लैस किया जाएगा। अब कार्ड धारकों का रेटिना भी मशीन में जोड़ा जाएगा।