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Delhi NCR News: यमुना की निर्मल धारा के लिए सरकार ने उद्योग जगत से मिलाया हाथ

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- यमुना, कूड़े के पहाड़ और प्रदूषण से मुक्ति के लिए सरकार की ठोस रणनीति
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- उद्योग जगत की सीएसआर पहल से यमुना को मिलेगा नया जीवन

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
यमुना नदी को फिर से निर्मल, अविरल बनाने और कूड़े के पहाड़ों, वायु प्रदूषण जैसी बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने उद्योग और कॉरपोरेट जगत से हाथ मिलाया है। यह पहल न केवल दिल्ली को स्वच्छ और हरा-भरा बनाएगी, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

दिल्ली सरकार ने यमुना नदी की सफाई और राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को राजनिवास में यमुना और दिल्ली का पुनर्जनन- एक सीएसआर संवाद विषय पर एक बैठक हुई। इसमें उपराज्यपाल वीके सक्सेना, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने उद्योग जगत के प्रमुखों के साथ मिलकर रणनीति बनाई। इस दौरान दिल्ली जल बोर्ड, शीर्ष उद्योग संघों और सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
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पीएम मोदी की सीएसआर साझेदारी नीति से प्रेरित
बैठक में तय हुआ कि दिल्ली जल बोर्ड और उद्योग संगठन मिलकर समयबद्ध कार्ययोजना बनाएंगे। इसके बाद एक और उच्च स्तरीय बैठक होगी, जिसमें ठोस परिणामों की समीक्षा की जाएगी। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीएसआर साझेदारी नीति को ध्यान में रखकर की गई है।

उद्योग मिलकर एक कॉर्पस फंड बनाएं : सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना को स्वच्छ करना उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने उद्योगों से अपील की कि वे सीएसआर फंड के जरिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और नालों की सफाई में मदद करें। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी उद्योग मिलकर एक कॉपर्स फंड (खास काम के लिए विशेष स्थायी पूंजी) बनाएं, जिससे यमुना की सफाई के लिए स्थायी समाधान निकल सके। रेखा गुप्ता ने यमुना किनारे बांसेरा, आसिता और यमुना वाटिका जैसे हरित क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि इच्छाशक्ति हो तो रास्ता निकल ही आता है। ये तीनों हरित क्षेत्र यमुना के दिल्ली में 22 किमी रिवर फ्रंट परियोजना का हिस्सा हैं।

उद्योग की भागीदारी से काम तेज होगा : वीके सक्सेना
उपराज्यपाल ने यमुना प्रदूषण, कूड़े के पहाड़ और वायु प्रदूषण को दिल्ली की सबसे बड़ी समस्याएं बताया। उन्होंने कहा कि इस कारण दिल्ली को वैश्विक स्तर पर बदनामी झेलनी पड़ रही है। सरकार इन समस्याओं से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और उद्योग जगत की भागीदारी से यह काम और तेज होगा।
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तय समय में यमुना को साफ करेंगे : प्रवेश साहिब सिंह
जल मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार तय समय में यमुना को साफ करेगी, ताकि यह फिर से राजनीतिक मुद्दा न बने। उन्होंने उद्योगों से नालों को गोद लेने और छोटे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की अपील की। साथ ही, पौधरोपण जैसे कदमों से दिल्ली के पर्यावरण को मजबूत करने पर जोर दिया। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने दिल्ली सरकार के साथ काम करने पर सहमति जताई है।
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