गुड़गांव की सरकार पर जमीन की दलाली के आरोप लगते रहे हैं लेकिन ये क्या अपनी ही चार एकड़ की जमीन को वो भूल गई।
गुड़गांव नगर निगम की जमीन पर कुछ लोग अवैध तरीके से मकान बनाकर किराया वूसल रहे हैं। करीब चार एकड़ जमीन पर लोगों ने पूरी तरह अपना कब्जा कर लिया है। शिकायत पर निगम अधिकारियों की नींद खुली है और अब कार्रवाई की तैयारी कर जा रही है।
चौमा गांव की करीब चार एकड़ जमीन पर एक दशक पहले तक तालाब (जोहड़) बना था। समय के बदलाव के साथ जोहड़ सूखता गया और वहां कब्जा होना आरंभ हो गया।
वर्तमान हालत यह है कुछ ग्रामीणों ने तालाब की जमीन को पूरी तरह अपनी जागीर बना लिया है। यहां बाकायदा पांच-छह पक्के मकान बना लिए गए हैं। एक-दो लोगों ने अपने कब्जाए हिस्से में टीन शैड डाल लिया है। हद यहां तक है कि ये लोग मकानों और टीन शैड में किराएदार रख उनसे किराया वसूल रहे हैं।
गांव के ओमप्रकाश, सत्यप्रकाश, निरंजन ने निगमायुक्त डॉ. प्रवीण को इसकी लिखित शिकायत दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति अपने आप को ऊंची पहुंच का हवाला देकर लोगों को डराता धमकाता भी है। उन्होंने इस जीमन को कब्जा मुक्त करा यहां जनसुविधा मुहैया कराने का सुझाव दिया।
शिकायत के तत्काल बाद निगमायुक्त डॉ. प्रवीण कुमार ने चीफ इंजीनियर बीएस सिंगरोह को कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने ऐसे स्थानों को चिन्हित कर उनकी सूची तैयार करने के निर्देश दिए, जहां ऐसी गतिविधियां चलाई जा रही है।
गौरतलब है कि गुड़गांव में यह अंधेरगर्दी केवल चौमा गांव में ही नहीं। विभिन्न स्थानों पर अवैध कब्जे कर लोगों ने बड़ी संख्या में किराएदार बसा रखे हैं। जिन्हें डरा-धमाकर मोटा किराया वसूला जाता है। यहां तक कि निगम एरिया में खड़ी होने वाली रेहड़ियों और खोमचे वालों से अवैध वसूली का पुरान शगल है।
उजाड़ा नहीं जाएगा गरीबों को
बाद में निगमायुक्त ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि निगम की जमीन में रहने वाले लोगों से किराया वसूल करने वालों के खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि निगम की जमीन में रहने वाले को फिलहाल उजाड़ा नहीं जाएगा। लेकिन यह जमीन निगम की मलकियत है। इस पर कब्जे को अवैध ही माना जाएगा।
उन्होंने कहा कि जब ऐसे लोग अपने लिए किसी ठिकाने का इंतजाम नहीं कर लेते, बगैर कोई शुल्क दिए वहां रह सकता है। उन्होंने कहा कि अगर किसी से पानी या बिजली का अस्थाई कनेक्शन ले रखा है तो उसका भुगतान संबंधित करना होगा।
निगम अपनी जमीन का किराया किसी को नहीं वसूलने देगा। उन्होंने ऐसे अवैध कब्जों को चिन्हित कर मकानों पर नोटिस चस्पा करने के भी निर्देश नीचले अधिकारियों को दिए हैं।