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17 साल बाद गोपाल राय के गर्दन से निकली गोली, कॉलेज में हुआ था जानलेवा हमला

Sat, 07 May 2016 01:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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गोपाल राय के गर्दन से न‌िकाली गई गोली - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय का शुक्रवार को सफल ऑपरेशन हो गया। उन्हें बृहस्पतिवार को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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डॉक्टरों के  मुताबिक उनकी स्पाइनल कॉड की सर्जरी की गई, जिसमें से बुलेट को निकाल दिया गया है। फिलहाल उनकी हालत में सुधार है।

गोपाल राय की सर्जरी के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और राज्यपाल नजीब जंग ने अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल लिया। उन्हें 1999 में गोली लगी थी।
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‘हॉस्टल में कमरे के विवाद में गोपाल को मारी गई थी गोली’

- फोटो : ani
गोपाल राय के छात्र जीवन के समय लखनऊ में सहयोगी रहे छात्रनेता उपेंद्र राय ने बताया कि उन्हें आज भी अच्छे से याद है। 18 जनवरी 1999 को कैंपस के अंदर ही दिल्ली  सरकार में अब मंत्री गोपाल राय को गोली मारी गई थी।

विज्ञान संकाय के पास हुई इस घटना में यह गोली उनकी गर्दन की हड्डी में फंस गई। इससे उनके इस हिस्से में पक्षाघात भी हुआ। करीब डेढ़ साल तक वह केजीएमसी और फिर एक साल टूडियागंज होम्योपैथी कॉलेज में भर्ती भी रहे।

यह हमला उस समय कैंपस में मौजूद अपराधियों के खिलाफ उनके विरोध की वजह से हुआ। घटना से कुछ ही दिन पहले तिलक हॉस्टल में कमरा आवंटन में गड़बड़ियों के मामले में गोलीकांड भी हुआ था। इस दौरान भी वह विरोध दर्ज कराने पहुंचे थे।’

गोपाल राय उस समय एलयू में समाज शास्त्र में पीजी कर रहे थे। वह हबीबुल्लाह हॉस्टल केरूम नंबर 91 में रहते थे। यह हॉस्टल हमेशा ही एलयू की छात्र राजनीति का गढ़ रहा है।
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