नोएडा के एडोब अंडरपास के पास सोमवार सुबह सेक्टर-24 पुलिस ने 100 से अधिक चेन लूटने वाले दो अंतरराज्यीय लुटेरों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। दोनों को पैर में गोली लगी है। पूछताछ के बाद दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने सुनार पिता-पुत्र को भी दबोचा है।
ये दोनों घायल बदमाशों से नोएडा, तेलंगाना समेत कई राज्यों में चेन लूट की वारदात करवाते थे। पुलिस ने दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया है। इनके पास से चोरी की पल्सर बाइक, दो लूटी हुई चेन और गला हुआ सोना बरामद हुआ है। बदमाश हाई स्पीड बाइक से पिस्टल दिखाकर चेन लूटते थे।
इनकी पहचान सोरखा निवासी मोनू उर्फ राहुल उर्फ रोहित और सिरसा ग्रेटर नोएडा निवासी अनिल उर्फ अन्नू के रूप में हुई। पुलिस ने बताया कि मोनू पर 40 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। जबकि अनिल पर 12 केस दर्ज हैं। दोनों बदमाश सुनार पिता-पुत्र को लूट का माल देते थे। उनकी पहचान औरंगाबाद, बुलंदशहर निवासी सुनार वेद प्रकाश और कैलाश के रूप में हुई है।
डीसीपी नोएडा राजेश एस ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 7.15 बजे एक टीम एडोब चौराहे से मोरना की तरफ जाने वाले अंडरपास के पास चेकिंग कर रही थी। इस दौरान बाइक सवार दो युवकों को रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों भागने लगे। पुलिस ने जब उनका पीछा किया तो बदमाशों ने टीम पर फायरिंग कर दी।
जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी। पूछताछ में पता चला कि मोनू अंतरराज्यीय चेन स्नैचर है। वह पिछले 9 वर्षों से नोएडा, दिल्ली और हैदराबाद में सैकड़ों चेन लूट की वारदात को अंजाम दे चुका है। दोनों को सुनार पिता-पुत्र ने हायर किया था। लूट के बाद बदमाश वेद प्रकाश और कैलाश को चेन दे देते थे और बदले में पैसे लेते थे।
जेल में दोस्ती के बाद हैदराबाद में की वारदात
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि मोनू 2015 में लुक्सर जेल में बंद था। वहां उसकी हैदराबाद निवासी परनीत चौधरी से मुलाकात हुई। परनीत चौधरी 2015 में हैदराबाद से नोएडा नौकरी करने आया था। किसी वजह से उसने अपने साथियों के साथ कोतवाली सेक्टर-39 क्षेत्र में कार लूटी थी।