फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्पेशल-26 स्टाइल में लाखों का सोना गायब: नकली वर्दी, फर्जी अफसर और हाईटेक लूट.... दुकान में चला फिल्मी खेल

Sat, 06 Dec 2025 09:07 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

ज्वेलरी की दुकान में पांच लोग घुसे, जिनमें से एक ने नकली दिल्ली पुलिस की वर्दी पहनी हुई थी और बाकी चार लोग सिविल कपड़ों में आयकर विभाग के अधिकारी बनकर आए थे। उन्होंने गैरकानूनी तरीके से दुकान से करीब एक किलो एक ग्राम सोना चुरा लिया। 
विज्ञापन
Delhi Crime - फोटो : AI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्य जिला की प्रसाद नगर थाना पुलिस और स्पेशल स्टाफ की संयुक्त टीम ने फर्जी आयकर अधिकारी व पुलिसकर्मी बनकर ज्वेलरी की दुकान से सोने की लूट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह में एक सरकारी कर्मचारी समेत पांच शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी का 435.03 ग्राम सोना और 3.97 लाख रुपये नकदी बरामद की है। साथ ही, पुलिस ने इनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल तीन लग्जरी कारें भी बरामद की हैं।

विज्ञापन

आरोपियों की पहचान सरकारी कर्मचारी परविंदर (42), संदीप (30), लवप्रीत सिंह उर्फ काका (30), शमिंदर पाल सिंह उर्फ सन्नी (43) और राकेश शर्मा उर्फ केशा (41) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अभी एक आरोपी अकरम फरार है और वह मुखबिर है। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए दिल्ली, बहादुरगढ़, गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत, रोहतक, झज्जर, हिसार और जींद में लगभग 1200 किलोमीटर तक पीछा किया।

मध्य जिला अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ऋषि कुमार के मुताबिक, 27 नवंबर को करोल बाग इलाके में स्थित एक ज्वेलरी बनाने वाली दुकान के मालिक ने प्रसाद नगर थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि पांच अज्ञात व्यक्ति ने मिलकर उनके दुकान में आकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। इनमें एक ने नकली दिल्ली पुलिस की वर्दी पहनी हुई थी और बाकी चार लोग सिविल कपड़ों में आयकर विभाग के अधिकारी बनकर आए थे। वे दुकान के अंदर आते ही पीड़ित और उसके कर्मचारियों के मोबाइल फोन छीन लिए। बाद में फर्जी तलाशी ली और गैरकानूनी तरीके से दुकान से करीब एक किलो एक ग्राम सोना चुरा लिया।

आरोपियों ने फरार होने से पहले दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज का डाटा भी हटा दिया। पुलिस ने शिकायतकर्ता के बायन के आधार पर मामला दर्ज कर एक टीम का गठन किया। उस दौरान पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे करीब 250 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें आरोपियों के कारों की पहचान हो गई। पुलिस ने आरोपियों के कारों की नंबर प्लेट की जांच कर एक आरोपी संदीप की पहचान कर ली। पुलिस को सूचना मिली कि वह हरियाणा में है, लेकिन पुलिस की टीम पहुंचते ही वह मौके से फरार हो गया।

इसके बाद आरोपी संदीप को स्पेशल स्टाफ की टीम ने बहादुरगढ़, हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया। उसने पूछताछ में अपने सहयोगी राकेश शर्मा, शमिंदर पाल सिंह, लवप्रीत सिंह और परविंदर को नाम बताया, जिसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर उन्हें इलाके से गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन

ओएसडी के तौर पर काम करता है आरोपी संदीप
पूछताछ के दौरान आरोपी संदीप ने बताया कि वह मध्य प्रदेश सरकार के जनसंपर्क विभाग में ओएसडी के तौर पर काम करता है और वह अक्सर दिल्ली आता-जाता रहता है। करीब एक माह पहले उसके साथी परमिंदर, जिसने खुद को सरकारी कर्मचारी बताया था। उसने बताया कि उसका एक दोस्त अकरम है। वह करोल बाग स्थित देव नगर इलाके में बड़े पैमाने पर सोने से जुड़ा काम करता है। परमिंदर ने उसे सुझाव दिया कि बॉलीवुड फिल्म स्पेशल-26 की तरह वे एक टीम बनाकर सोना जब्त करने के लिए एक नकली रेड कर सकते हैं। ऐसे करने पर वे खूब सारा पैसा कमा सकते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें