दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के 70वें गणतंत्र दिवस परेड की तैयारियों की बुधवार को राजपथ से लाल किला तक धूम दिखी। मौका था गणतंत्र दिवस परेड की फुल ड्रेस रिहर्सल का। राजपथ से लेकर लाल किले तक चप्पे-चप्पे पर दिल्ली पुलिस, अर्द्धसैनिक बलों और सुरक्षा एजेंसियों की किलेबंदी तो दूसरी तरफ राजपथ पर भारतीय सेना के जाबांज, अर्द्धसैनिक व पुलिस के जवानों की टुकड़ियों संग एनसीसी के छात्रों ने कदम ताल करते हुए देश के विकास, भाईचारे और शान की कहानी बयां कर रहे थे। वहीं, 22 राज्यों मंत्रालयों, भारतीय सेना की झांकियों ने अपने विकास व संस्कृति की विरासत को सात किलोमीटर को करीब सवा घंटे में एक साथ समेटते हुए मिनी इंडिया की झलक दिखाई।
सबसे पहले अति विशिष्ट डमी काफिले
रायसीना हिल्स की ओर से विजय पथ पर सबसे पहले सेना के तीनों अंग थल, वायु व नौसेना अध्यक्ष, उनके पीछे रक्षा राज्य मंत्री, रक्षा मंत्री और फिर प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति के डमी काफिले पहुंचे। फुल ड्रेस रिहर्सल में अति विशिष्ठ अतिथियों के डमी काफिलों को वैसे ही लाल बत्ती की गाड़ियां व लाव लश्कर के साथ लाया गया। सबसे आखिर में राष्ट्रपति के 46 सजीले घुड़सवार अंगरक्षकों (घोड़ों) का दस्ता और फिर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का अति विशिष्ठ काफिला। डमी काफिले रायसीना हिल्स से विजय चौक होते हुए इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति पहुंचे, जहां देश के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले शहीदों को पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी गई।
21 तोपों की सलामी से आगाज
सबसे पहले सेना की ओर राष्ट्रपति और विदेशी मेहमानों को 21 तोपों की सलामी दी गई। भारतीय थल सेना के अधिकारी ने ध्वजारोहण किया। इसी के साथ राष्ट्रगान के साथ फुल ड्रेस रिहर्सल का आगाज होता है। सेना मेडल व विशिष्ट सेवा मेडल लेफ्टिनेंट जनरल अस्ती मिस्त्री की अध्यक्षता और उप कमांडर युद्ध सेवा मेडल मेजर जनरल राजपाल पुनिया के सहयोग से गणतंत्र दिवस परेड का नेतृत्व करेंगे। मार्चिंग दस्ते में सबसे पहले सेना अधिकारी के नेतृत्व में 61 कैवलरी का 51 घुड़सवार दस्ता अश्व शक्ति यशोबल की धुन के साथ आगे बढ़ता है। इसके अलावा पंजाब रेजीमेंट, मराठा लाइट इंफैंट्री, डोगरा रेजीमेंट, लद्दाख स्काउट्स, आर्टलरी व इंफैंट्री का मार्चिंग दस्ता निकाला। वहीं, बीएसएफ का बैंड, ऊंट पर सवार बैंड, एनसीसी, स्काउंट एंड गाइड्स, आईटीबीपी, दिल्ली पुलिस का दस्ता भी शामिल है। इसके अलावा विभिन्न राज्यों की झांकियां भी अपने समृद्ध विरासत की कहानी बयां करेंगी।
पहली बार जैव ईंधन से वायु सेना भरेगा उड़ान
राजपथ पर भारतीय सेना ने सैन्य वाहनों के माध्यम से अपना शक्ति प्रदर्शन भी किया। इस मौके पर दर्शकों को एम 777 ए 2 तोप और मेड इन इंडिया के 9 व्रज गन देखने का मौका मिलेगा। इसके अलावा टैंक टी-90 भीष्म में 125 एमएम बोर की मुख्य गन लगी थी, जोकि मिसाइल को पांच किलोमीटर तक फायर करने की क्षमता रखती है। वहीं, आकाश मिसाइल लांचर भी पेश किया गया।
महत्वपूर्ण झलकियां :
- परेड में तीनों सेनाओं के मार्चिंग दस्ते की कमांडर महिला अधिकारी होंगी। मेजर खुशबू की अध्यक्षता में असम राइफल्स की महिला विंग भी पहली बार परेड में शामिल हो रही हैं। वहीं, सिग्नल कोर की कप्तान शिखा सुरभि अपनी टीम के पुरुष सहयोगियों के साथ बाइक स्टंट करती दिखेंगी।
- राजपथ पर सेना के साथ पहली बार आजाद हिंद फौज के सैनिक दिखाई देंगे । उनकी उम्र 95 से 100 वर्ष के बीच है। खुली जीप में चंडीगढ़ के लालतीराम (98), गुरुग्राम के परमानंद (99), हीरा सिंह (97) और भागमल (95) परेड के साथ निकलेंगे।
- पहली बार परेड में सशस्त्र सेनाओं की मार्शल धुन शंखनाद की गूंज भी सुनाई देगी। यह धुन युद्ध के दौरान बजायी जाती थी।
- पहली बार प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित 26 बच्चे, खेल, बहादुरी और नवाचार क्षेत्र से अन्य बच्चों को आगे बढ़ने का संदेश देंगे।
- परेड में आगाज के दौरान सबसे पहले सेना का एमआई 17 हेलीकॉप्टर राजपथ और सलामी मंच पर फूलों की बारिश करेगा।