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डीयू छात्रसंघ चुनावः इतिहास दोहराने के लिए एनएसयूआई का ग्लैमर कार्ड

Fri, 06 Sep 2019 06:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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अध्यक्ष पद पर चेतना त्यागी को उतारा... - फोटो : अमर उजाला
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डीयू छात्रसंघ चुनाव में इतिहास को दोहराने के लिए छात्र संगठन एनएसयूआई ने इस बार अध्यक्ष पद पर चेतना त्यागी के रूप में ग्लैमर कार्ड खेला है। लगभग 12 साल बाद अपने ट्रेंड में बदलाव करते हुए किसी छात्रा को अध्यक्ष पद पर मैदान में उतारा है, जबकि एबीवीपी ने अध्यक्ष पद पर जाट उम्मीदवार अक्षित दहिया पर दांव चला है। इस तरह अध्यक्ष पद पर एक छात्र और छात्रा के बीच चुनावी जंग होगी।

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बृहस्पतिवार को नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही प्रमुख छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) व भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने अपने-अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। दोनों ही संगठनों के पैनल में एक बार फिर से जाट-गुर्जर समीकरण हावी है। एबीवीपी ने जहां दो जाट, एक गुर्जर व एक पंजाबी राजपूत को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं, एनएसयूआई ने एक जाट, एक गुर्जर, एक ब्राहाण व एक एससी को चुनावी समर में उतारा है। 
 
एनएसयूआई ने 2007 के बाद अध्यक्ष पद के लिए छात्रा को उतारा
एनएसयूआई ने इतिहास को दोहराने के लिए अध्यक्ष पद पर शहीद भगत सिंह (ईवनिंग कॉलेज) की बीए प्रोग्राम की 19 वर्षीय छात्रा चेतना त्यागी को मैदान में उतारा है। इससे पहले वर्ष 2007 में अमृता बाहरी को चुनाव लड़ाया था और वह विजय रही थीं। 2006 में अमृता धवन एनएसयूआई के टिकट से अध्यक्ष बनी थीं, जबकि वर्ष 2005 में रागिनी नायक ने एनएसयूआई के टिकट पर अध्यक्ष पद जीता था।
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एनएसयूआई 2005 से 2007 तक लगातार अध्यक्ष पद पर छात्रा को ही उतारता रहा है। जानकार बताते हैं कि एनएसयूआई अपने 12 साल वाले इतिहास को दोहराकर डूसू में एक छात्रा के जरिए वापसी करना चाह रही है। 2007 के बाद से एनएसयूआई ने अध्यक्ष पद पर लड़कियों को उतारने से परहेज किया।

एबीवीपी ने भी 2008 में अध्यक्ष पद पर नूपुर शर्मा को मैदान में उतारा तो वह जीत गईं, लेकिन 2011 में नेहा सिंह को अध्यक्ष पद पर उतारा गया, जो जीत नहीं पाई। इसके बाद दोनों ही संगठनों की ओर से अध्यक्ष पद पर उम्मीदवार के रूप में छात्रा को नहीं उतारा गया।
 

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एबीवीपी व एनएसयूआई प्रत्याशियों का प्रोफाइल

एनएसयूआई ने उपाध्यक्ष पद पर एससी श्रेणी के 23 वर्षीय अंकित भारती को उम्मीदवार बनाया है। वह एमए-बुद्धिस्ट स्टडी के प्रथम वर्ष के छात्र हैं, जबकि सचिव पद पर राजस्थान चुरू के 24 वर्षीय लॉ फैकल्टी के छात्र आशीष लांबा को मैदान में उतारा है। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर की हॉकी खेलते हैं। सहसचिव पद पर एनएसयूआई ने गुर्जर समुदाय से एमए-बुद्घिस्ट स्टडी के छात्र अभिषेक चपराना पर दांव खेला है। फरीदाबाद के रहने वाले अभिषेक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। 

चारों सीटों पर जीत का दावा कर रही एबीवीपी भी जाट-गुर्जर व ग्लैमर कार्ड खेलने में पीछे नहीं है। इस बार एबीवीपी ने नए चेहरों के साथ-साथ अनुभवी कार्यकर्ताओं को टिकट दिए हैं। अध्यक्ष पद पर एबीवीपी की ओर से जाट समुदाय के 20 वर्षीय अक्षित दहिया को अपना प्रत्याशी बनाया है। लॉ फैकल्टी में प्रथम वर्ष के छात्र अक्षित दिल्ली विश्वविद्यालय की बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में सिल्वर पदक जीत चुके हैं। वह सोनीपत के रहने वाले हैं।

उपाध्यक्ष पद पर दिल्ली फतेहपुर बेरी इलाके के 24 वर्षीय प्रदीप तंवर को उम्मीदवार बनाया है। गुर्जर समुदाय के प्रदीप देशबंधु कॉलेज में एमए-हिंदी के प्रथम वर्ष के छात्र हैं। सचिव पद पर संगठन ने एलएलबी तृतीय वर्ष के 23 वर्षीय छात्र योगित राठी को मैदान में उतारा है। हिमाचल प्रदेश से आने वाली 21 वर्षीय शिवांगी खरवाल को सह सचिव का टिकट दिया है। वह वर्तमान में बुद्घिस्ट प्रथम वर्ष की छात्रा है। वह एबीवीपी में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भी हैं। अब पैनल की घोषणा होते ही उम्मीदवारों ने अधिकृत रूप से चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है।

आइसा ने ज्यादातर लड़की को बनाया अध्यक्ष पद की उम्मीदवार
ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) ने अध्यक्ष पद के लिए ज्यादातर नारी शक्ति को प्राथमिकता दी है। संगठन ने 2014 में अध्यक्ष पद पर मधुरिमा को उम्मीदवार बनाया, जबकि 2015 में शीतल भूपाल को मैदान में उतारा। 2016 में कंवरप्रीत कौर, जो वर्तमान में दिल्ली आइसा की अध्यक्ष भी है को चुनावी जंग में उतारा था। 2017 में पारुल चौहान और  2018 अभिज्ञान को प्रत्याशी बनाया। हालांकि, उपाध्यक्ष पद पर 2018 में अंशिका सिंह प्रत्याशी बनाई गई थीं। हालांकि, इनमें एक भी उम्मीदवार जीत नहीं पाया। 2019 में दामिनी केन चुनावी दंगल में उतरी हैं।
 
सबसे छोटी उम्मीदवार आइसा की चेतना
डूसू के सभी 16 प्रत्याशियों में आइसा की सह सचिव पद की उम्मीदवार चेतना उम्र में सबसे छोटी हैं। राजस्थान के सिरोही जिले की चेतना महज 18 साल की हैं। वह अपने गांव से दिल्ली यूनिवर्सिटी पढ़ने के लिए आने वाली पहली लड़की हैं। वर्तमान में वह मिरांडा हाउस में प्रथम वर्ष की छात्रा है। सभी प्रत्याशियों में चेतना के बाद एनएसयूआई की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार हैं, जिनकी उम्र 19 साल है।

एबीवीपी का डूसू पैनल
अध्यक्ष    अक्षित दहिया
उपाध्यक्ष    प्रदीप तंवर
सचिव    योगित राठी
सह सचिव    शिवांगी खरवाल

एनएसयूआई का डूसू पैनल
अध्यक्ष    चेतना त्यागी
उपाध्यक्ष    अंकित भारती
सचिव    आशीष लांबा
सह सचिव    अभिषेक चपराना

आइसा का डूसू पैनल
अध्यक्ष    दामिनी कैन
उपाध्यक्ष    आफताब आलम
सचिव    विकास कुमार
सह सचिव    चेतना
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