एनएसयूआई ने उपाध्यक्ष पद पर एससी श्रेणी के 23 वर्षीय अंकित भारती को उम्मीदवार बनाया है। वह एमए-बुद्धिस्ट स्टडी के प्रथम वर्ष के छात्र हैं, जबकि सचिव पद पर राजस्थान चुरू के 24 वर्षीय लॉ फैकल्टी के छात्र आशीष लांबा को मैदान में उतारा है। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर की हॉकी खेलते हैं। सहसचिव पद पर एनएसयूआई ने गुर्जर समुदाय से एमए-बुद्घिस्ट स्टडी के छात्र अभिषेक चपराना पर दांव खेला है। फरीदाबाद के रहने वाले अभिषेक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं।
चारों सीटों पर जीत का दावा कर रही एबीवीपी भी जाट-गुर्जर व ग्लैमर कार्ड खेलने में पीछे नहीं है। इस बार एबीवीपी ने नए चेहरों के साथ-साथ अनुभवी कार्यकर्ताओं को टिकट दिए हैं। अध्यक्ष पद पर एबीवीपी की ओर से जाट समुदाय के 20 वर्षीय अक्षित दहिया को अपना प्रत्याशी बनाया है। लॉ फैकल्टी में प्रथम वर्ष के छात्र अक्षित दिल्ली विश्वविद्यालय की बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में सिल्वर पदक जीत चुके हैं। वह सोनीपत के रहने वाले हैं।
उपाध्यक्ष पद पर दिल्ली फतेहपुर बेरी इलाके के 24 वर्षीय प्रदीप तंवर को उम्मीदवार बनाया है। गुर्जर समुदाय के प्रदीप देशबंधु कॉलेज में एमए-हिंदी के प्रथम वर्ष के छात्र हैं। सचिव पद पर संगठन ने एलएलबी तृतीय वर्ष के 23 वर्षीय छात्र योगित राठी को मैदान में उतारा है। हिमाचल प्रदेश से आने वाली 21 वर्षीय शिवांगी खरवाल को सह सचिव का टिकट दिया है। वह वर्तमान में बुद्घिस्ट प्रथम वर्ष की छात्रा है। वह एबीवीपी में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भी हैं। अब पैनल की घोषणा होते ही उम्मीदवारों ने अधिकृत रूप से चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है।
आइसा ने ज्यादातर लड़की को बनाया अध्यक्ष पद की उम्मीदवार
ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) ने अध्यक्ष पद के लिए ज्यादातर नारी शक्ति को प्राथमिकता दी है। संगठन ने 2014 में अध्यक्ष पद पर मधुरिमा को उम्मीदवार बनाया, जबकि 2015 में शीतल भूपाल को मैदान में उतारा। 2016 में कंवरप्रीत कौर, जो वर्तमान में दिल्ली आइसा की अध्यक्ष भी है को चुनावी जंग में उतारा था। 2017 में पारुल चौहान और 2018 अभिज्ञान को प्रत्याशी बनाया। हालांकि, उपाध्यक्ष पद पर 2018 में अंशिका सिंह प्रत्याशी बनाई गई थीं। हालांकि, इनमें एक भी उम्मीदवार जीत नहीं पाया। 2019 में दामिनी केन चुनावी दंगल में उतरी हैं।
सबसे छोटी उम्मीदवार आइसा की चेतना
डूसू के सभी 16 प्रत्याशियों में आइसा की सह सचिव पद की उम्मीदवार चेतना उम्र में सबसे छोटी हैं। राजस्थान के सिरोही जिले की चेतना महज 18 साल की हैं। वह अपने गांव से दिल्ली यूनिवर्सिटी पढ़ने के लिए आने वाली पहली लड़की हैं। वर्तमान में वह मिरांडा हाउस में प्रथम वर्ष की छात्रा है। सभी प्रत्याशियों में चेतना के बाद एनएसयूआई की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार हैं, जिनकी उम्र 19 साल है।
एबीवीपी का डूसू पैनल
अध्यक्ष अक्षित दहिया
उपाध्यक्ष प्रदीप तंवर
सचिव योगित राठी
सह सचिव शिवांगी खरवाल
एनएसयूआई का डूसू पैनल
अध्यक्ष चेतना त्यागी
उपाध्यक्ष अंकित भारती
सचिव आशीष लांबा
सह सचिव अभिषेक चपराना
आइसा का डूसू पैनल
अध्यक्ष दामिनी कैन
उपाध्यक्ष आफताब आलम
सचिव विकास कुमार
सह सचिव चेतना