आपके दान से घटेगा टेक्सटाइल कचरा, महिला समूहों को मिलेगा रोजगार
पहले चरण में पांच मेट्रो स्टेशनों पर शुरुआत, 10 स्टेशनों तक होगा विस्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
अब दिल्लीवासी अपने घरों में रखे पुराने उपयोग योग्य कपड़ों को कूड़े में फेंकने के बजाय सीधे मेट्रो स्टेशनों पर बने 'अर्पण केंद्र' में दान कर सकेंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को पंजाबी बाग वेस्ट मेट्रो स्टेशन पर इस अनूठी पहल की शुरुआत की। पहले चरण में दिल्ली के पांच प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर शुरू की गई यह परियोजना टेक्सटाइल कचरे को कम करने, पुराने कपड़ों के पुन: उपयोग, पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने और महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह परियोजना दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) और दिल्ली मेट्रो लेडीज वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन के सहयोग से शुरू की गई है। फिलहाल मयूर विहार फेज-1, शाहदरा, शालीमार बाग, पंजाबी बाग वेस्ट और रोहिणी वेस्ट मेट्रो स्टेशन पर अर्पण केंद्र स्थापित किए गए हैं। सरकार की योजना अगले चरण में ऐसे केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 10 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों तक पहुंचाने की है। दक्षिणी दिल्ली के प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर भी जल्द इन केंद्रों की शुरुआत की जाएगी। इन केंद्रों के माध्यम से लगभग पूरी दिल्ली के लोगों को सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।
क्यूआर कोड स्कैन कर कर सकेंगे दान
अर्पण केंद्रों की पूरी व्यवस्था डिजिटल बनाई गई है। दानकर्ता क्यूआर कोड स्कैन कर अपने पुराने कपड़े जमा करेंगे और उन्हें डिजिटल रसीद भी मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी और अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ेंगे।
रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
सरकार ने इस पहल को केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं रखा है। एकत्रित कपड़ों की छंटाई, पुन: उपयोग, पुनर्चक्रण और अपसाइक्लिंग का कार्य महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कराया जाएगा। इससे महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आय के नए अवसर तैयार होंगे। सरकार का कहना है कि यह मॉडल पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तीकरण को साथ लेकर राजधानी में सर्कुलर इकॉनमी को मजबूती देगा।
'वेस्ट टू वेल्थ' मॉडल को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि विकसित दिल्ली केवल बेहतर आधारभूत ढांचे से नहीं, बल्कि संसाधनों के जिम्मेदार और सतत उपयोग से बनेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि घरों में रखे उपयोग योग्य पुराने कपड़े अर्पण केंद्रों तक पहुंचाएं। उनके अनुसार, एक छोटा-सा दान न केवल लैंडफिल में जाने वाले टेक्सटाइल कचरे को कम करेगा, बल्कि जरूरतमंदों की मदद और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। सरकार का लक्ष्य 'वेस्ट टू वेल्थ' मॉडल को दिल्ली की पहचान बनाना है।
इन पांच मेट्रो स्टेशनों पर खुले अर्पण केंद्र
-मयूर विहार फेज-1
- शाहदरा
-शालीमार बाग
-पंजाबी बाग वेस्ट
- रोहिणी वेस्ट