सरकारी स्कूल में अपनी बेटियों को दाखिला दिलाने के लिये एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। न्यू अशोक नगर निवासी पिता ने अपनी तीन नाबालिग बेटियों की ओर से याचिका दायर कर दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय व सरकारी स्कूल को उन्हें मौजूदा शिक्षा सत्र में दाखिला देने का निर्देश देने का आग्रह किया है।
याची मोहम्मद दराज ने अपनी तीन बेटियों कुमारी अंजुम (16), कुमारी तमन्ना (14) व कुमारी सबा (13) को दाखिला दिलाने के लिये याचिका दायर की है। याची का कहना है कि वह कुछ समय पहले ही नोएडा से मकान बदलकर न्यू अशोक नगर इलाके में आया है। वह नजदीकी स्कूल में अपनी बेटियों को दाखिला दिलाने के लिये गया था लेकिन स्कूल प्रधानाचार्य ने कई सरकारी दस्तावेजों की मांग करते हुये दाखिला देने से इंकार कर दिया।
वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक अग्रवाल के माध्यम से दाखिल याचिका में कहा गया है कि इन छात्राओं को कक्षा नौ व छह में दाखिला न दिया जाना पूरी अवैध व अनुचित है। स्कूल ने इन छात्राओं को दाखिला न देकर संविधान के अनुच्छेद 21 व 21-ए और शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा तीन व चार का उल्लंघन किया है।
याचिका में कहा गया है कि न्यू अशोक नगर आने से पहले तीनों छात्राएं नोएडा स्थित डीएसआर मॉडर्न स्कूल में पढ़ती थीं। कुछ निजी कारणों से परिवार को न्यू अशोक नगर में किराये पर मकान लेना पड़ा। पिता ने नोएडा के स्कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट भी ले लिया। वह प्राइवेट स्कूल की भारी फीस देने में भी असमर्थ था।
याचिकाकर्ता जब अपनी बेटियों का दाखिला न्यू अशोक नगर स्थित सरकारी स्कूल में करवाने गया तो प्रधानाचार्य ने उससे निवास स्थान, वोटर आईडी, बैंक खाता व राशन कार्ड मांगा। परिवार कुछ समय पहले ही न्यू अशोक नगर में आकर रहने लगा था। इसलिये उसके पास उक्त दस्तावेज नहीं थे। यह दस्तावेज पेश न किये जाने का हवाला देते हुये प्रधानाचार्य को दाखिला देने से इंकार कर दिया।