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Delhi: माहिरा के बाद मानसी ने भी किया अंगदान, छत से गिरकर हो गई थी मौत, एम्स में 48 घंटे में ऐसी दूसरी बच्ची

Sun, 13 Nov 2022 01:37 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली

सार

मथुरा के कोसी में रहने वाले रमाकांत की बेटी (7 साल 3 माह) मानसी दो नवंबर को खेलते-खेलते छत से गिर गई थी। उसके सिर में गंभीर चोट लगने के बाद उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर में लाया गया। 10 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद 12 नवंबर बच्ची ने दम तोड़ दिया।
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मानसी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी के मथुरा जिला निवासी एक बच्ची को घायलावस्था में एम्स के ट्रॉमा सेंटर लाया गया था। शनिवार को उसकी मौत हो गई, जिसके बाद उसके परिजनों की सहमति से उसकी किडनी, लिवर को प्रत्यारोपित कर तीन लोगों को नई जिंदगी प्रदान की गई है। एम्स दिल्ली में 48 घंटों में यह दूसरा मामला है।

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इससे पहले शुक्रवार सुबह भी मेवात की सिर्फ 18 माह की बच्ची को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद उसकी दोनों किडनी और लिवर को प्रत्यारोपित किया गया था। इसके बाद उसके कॉर्निया, दोनों आंखें, हार्ट वॉल्व को बाद में उपयोग के लिए संरक्षित कर लिया गया था।

मथुरा के कोसी में रहने वाले रमाकांत की बेटी (7 साल 3 माह) मानसी दो नवंबर को खेलते-खेलते छत से गिर गई थी। उसके सिर में गंभीर चोट लगने के बाद उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर में लाया गया। 10 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद 12 नवंबर बच्ची ने दम तोड़ दिया।
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मानसी के पिता रमाकांत की सहमति से अंगदान किया गया। मानसी की एक किडनी और लीवर आईएलबीएस और एक किडनी एम्स में ट्रांसप्लांट में किया गया। जबकि हार्ट वॉल और आंखों को बैंक में सुरक्षित रख लिया गया है। 48 घंटे में एम्स में यह दूसरी बच्ची है जिसमें अंग दान किया है।

नूंह की माहिरा के अंग भी हुए प्रत्यारोपित
जिंदगी की जंग में 18 माह की माहिरा चाहे हार गई हो लेकिन जाते-जाते भी दो बच्चों की जिंदगी बचा गई। मेवात, नूह में रहने वाली 18 माह की माहिरा 6 नवंबर की शाम को अपने घर की बालकनी में खेल रही थी। अचानक खेलते खेलते नीचे गिर गई और उसके सिर में गंभीर चोट लगी। उसे अचेत अवस्था में एम्स के ट्रामा सेंटर लाया गया।

पांच तक माहिरा जिंदगी और मौत से जूझती रही। काफी कोशिश के बाद डॉक्टर उसे बचा नहीं पाए और 11 नवंबर की सुबह उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया। उसकी मौत की खबर सुनकर माता-पिता के पैरों से जमीन खिसक गई।

बड़ा दिल रखते हुए  बच्ची के माता-पिता ने बच्ची के अंगदान का फैसला लिया। माहिरा अंगदान करने वाली दिल्ली/एनसीआर में दूसरी सबसे छोटी बच्ची है। उसके द्वारा दान किया लीवर ILBS में 6 साल का बच्चे को और दोनों किडनी 17 साल के बच्चे को एम्स में सफलतापूर्वक प्रतिरोपण किया गया। कॉर्निया, दोनों आंखें, हार्ट वॉल्व को बाद में उपयोग के लिए संरक्षित कर लिया गया है।

अंगदान करने वाली तीसरी बच्ची 
मानसी पिछले 6 महीनों में एम्स ट्रॉमा सेंटर में अंगदान करने वाली चौथी बच्ची है। इससे पहले माहिरा, रोली और उसके बाद 18 महीने के रिशांत ने अंग दान किया था।

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