फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस मासूम चेहरे ने शादी के बाद गर्लफ्रेंड के दबाव में जो किया, हैरान कर देने वाली है वो पूरी कहानी

Sun, 20 Aug 2017 02:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
निजी कंपनी में तीन करोड़ रुपये का शेयर घोटाला करने वाले प्रबंधक को साइबर क्राइम सेल ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने मालिक के फर्जी हस्ताक्षर के जरिये कंपनी के खाते से तीन करोड़ रुपये के शेयर अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए थे।
विज्ञापन


इसके बाद 80 लाख रुपये के शेयर बेचकर अपने रिश्तेदारों और परिजनों को रकम बांट दी थी। मामले में कंपनी की तरफ से थाना सेक्टर-20 में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसकी जांच साइबर क्राइम सेल के प्रभारी निरीक्षक विवेक रंजन राय को सौंपी गई थी।

धोखाधड़ी की ये वारदात नोएडा के सेक्टर-3, जी-3 में चलने वाली 4ए सिक्योरिटी लिमिटेड कंपनी में हुई थी। ये कंपनी शेयर ट्रेडिंग का काम करती है। कंपनी के निदेशक अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने अपने सहायक प्रबंधक (अकाउंट) भानु रंजन राय के खिलाफ थाना सेक्टर-20 में एफआईआर कराई थी।
विज्ञापन

पहले जीता भरोसा फिर...

मूल रूप से यूपी के महाराजगंज का रहने वाला भानु फिलहाल पूरे परिवार के साथ फरीदाबाद सेक्टर-62 में रहता है। एफआईआर के मुताबिक, भानु ने चार साल पहले 4ए सिक्योरिटी लिमिटेड कंपनी में बतौर सहायक प्रबंधक नौकरी शुरू की थी।

इस दौरान उसने मालिक अरविंद कुमार का भरोसा जीत लिया और अकाउंट का पूरा काम खुद संभालने लगा। इसी दौरान भानु ने अरविंद के फर्जी हस्ताक्षर कर कंपनी के खाते से लगभग तीन करोड़ रुपये के शेयर अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए।

इसमें से 80 लाख रुपये के शेयर उसने बेचकर अपने रिश्तेदारों और परिजनों को रकम बांट दी थी। इसका पति कंपनी को उस वक्त चला जब एक ग्राहक ने 30 दिसंबर 2016 को अपने खाते में शेयर मांगे। अरविंद के कहने के बावजूद भानु ने जब तीन दिन तक शेयर ट्रांसफर नहीं किया तो ग्राहक ने दोबारा फोन किया।

मां और पत्नी को छोड़ सभी को दी थी रकम

अरविंद ने जब इस संबंध में भानु से पूछा तो उसने गोलमोल जवाब दिया और अगले दिन से बिना बताए लापता हो गया। अरविंद ने कंपनी के खातों की जांच की तो फर्जीवाड़े का पता चला। इसके बाद अरविंद ने भानु के खातों में ट्रांसफर शेष शेयरों की बिक्री पर रोक लगा दी थी।

आठ माह तक आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर जांच थाना सेक्टर-20 से साइबर क्राइम सेल को ट्रांसफर कर दी गई थी। सर्विलांस के जरिये साइबर क्राइम सेल ने बृहस्पतिवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से दो मोबाइल फोन और सवा लाख रुपये मिले हैं।

साइबर क्राइम सेल प्रभारी निरीक्षक विवेक रंजन राय ने बताया कि आरोपी ने अपनी मां और पत्नी को छोड़ अन्य सभी रिश्तेदारों और दो युवतियों के खाते में रकम ट्रांसफर की थी। भानु की तीन माह की एक बेटी भी है।

गर्लफ्रैंड को भी दिए थे रुपये

इसमें उसके पिता हृदय शंकर, भाई रजनीश, भाई के ससुर पन्ना लाल वर्मा, ताऊ रवि शंकर वर्मा, पत्नी के मामा संतोष वर्मा, मामा चेतन भार्गव, चेरन भार्गव, मामी प्रीति भार्गव, फूफा दिनेश सेठ सहित कुछ अन्य लोग शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी को आरोपी बनाया है।

भानु से पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि उसकी एक गर्लफ्रैंड सबा नसीम है। भानु की वर्ष 2006 में आरकुट के जरिये उससे दोस्ती हुई थी। 2013 में भानु ने चोरी छिपे उससे दूसरी शादी कर ली थी।

भानु ने सबा को 8.89 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। साथ ही, उसे लगभग पांच लाख रुपये कैश भी दिए थे। इसके अलावा उसने सबा की बहन हिबा नसीम को भी ढाई लाख रुपये दिए थे।
विज्ञापन

पिता और गर्लफ्रैंड के दबाव में किया था फर्जीवाड़ा

भानु ने पुलिस को बताया है कि उसने अपने पिता हृदय शंकर और गर्लफ्रैंड सबा नसीम के दबाव में ये फर्जीवाड़ा किया था। गर्लफ्रैंड उससे पैसों की मांग करती थी। पैसे न देने पर वह उसे प्रताड़ित करती थी। इसके अलावा उसका पिता भी उस पर गाड़ी लेने और लग्जरी जिंदगी जीने का दबाव बनाता था।

कंपनी से उसे जो तनख्वाह मिलती थी, उसमें भानु के लिए लग्जरी जिंदगी जीना और गर्लफ्रैंड की मांगों को पूरा करना संभव नहीं था। फर्जीवाड़े की रकम से ही भानु ने एक केयूवी 500 कार और बुलेट बाइक भी खरीदी थी।

रिश्तेदारों ने नहीं लौटाया पैसा
भानु के अनुसार कंपनी छोड़कर जब वह भाग रहा था, उसे पैसों की जरूरत थी। उसने जिन रिश्तेदारों को पैसे दिए थे उनसे पैसे मांगे, लेकिन किसी ने वापस नहीं किए। सबने उस रकम से अपना काम-धंधा शुरू कर लिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें