दिल्ली महिला आयोग के हस्तक्षेप के बाद उस्मानपुर थाना पुलिस ने नाबालिग (10 वर्षीय) बच्ची के सौतेला पिता व चाचा पर छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। बच्ची की मां ने स्वयं के लिए घरेलू हिंसा की शिकायत कर महिला आयोग से मदद मांगी थी। आयोग की टीम जब महिला से मिलने पहुंची तो जांच में पता चला कि बच्ची के साथ भी आरोपियों ने गंदी हरकतें की हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल दोनों आरोपी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के उस्मानपुर इलाके में रहने वाली 28 वर्षीय रीना (परिवर्तित नाम) ने दिल्ली महिला आयोग के हेल्पलाइन नंबर-181 पर घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज करवाई थी। रीना ने शिकायत में बताया कि पहला पति शराब पीकर मारपीट करता था, इसलिए माता-पिता ने दूसरी शादी कर दी। पहली शादी से उसकी एक बच्ची है। 50 वर्षीय दूसरा पति भी उसके साथ शारीरिक हिंसा करता था, उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाता था। इतना ही नहीं पति का विवाहित छोटा भाई भी उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाता था। पति से जब भाई की शिकायत की तो उसने संबंध बनाने को कहा। इस तरह के हालात से परेशान होकर उसने आयोग से मदद मांगी। वह अपने पति के खिलाफ केस नहीं दर्ज करवाना चाहती थी।
बच्ची को परेशान देखकर मामले का पता चला
मां से पूछताछ के दौरान बच्ची को परेशान, डरा व सहमा देखकर आयोग की टीम ने उससे बात की। बच्ची ने बताया कि कैसे बाप और चाचा उसके साथ भी गलत हरकत करते थे। उसे गलत ढंग से छूते थे। यह बात किसी को ना बताने की धमकी दी जाती थी। बच्ची की मां इस खुलासे से दंग रह गई और उन्होंने बच्ची के पिता और चाचा के खिलाफ केस दर्ज करवाने का फैसला किया। बच्ची को चिकित्सीय जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया और इस मामले में आईपीसी की धारा 354, 506 और 10 पॉक्सो के तहत न्यू उस्मानपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि पिता व चाचा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। यौन अपराध करने वाले को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, जिससे अपराधियों के मन में खौफ पैदा हो।