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शादी का कार्ड देकर लौट रही युवती की दर्दनाक मौत, 20 दिन बाद पीले होने थे हाथ

Wed, 11 Jan 2017 01:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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उत्तर नगर पर खड़ी बस ज‌िसने युवती को कुचला - फोटो : अमर उजाला
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द‌िल्ली के उत्तम नगर इलाके में एक दर्दनाक हादसे में अपनी ही शादी का कार्ड देकर लौट रही युवती की मौत हो गई। मृतका की शिनाख्त ज्योति (25) के रूप में हुई है। दरअसल, ज्योति भीड़ अधिक होने के कारण डीटीसी बस के दरवाजे के पास खड़ी थी।
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अचानक चालक ने दरवाजा खोल दिया। ज्योति गिरकर उसी बस के पहिये के नीचे आ गई। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बस कब्जे में लेकर चालक सुरेश (52) को गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

जिला पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र कुमार ने बताया कि ज्योति परिवार के साथ नजफगढ़ के गोपाल नगर में रहती थी। इसके परिवार में पिता सोहनपाल, मां, दो भाई सुमित और अमित हैं। सोहनलाल गुरुग्राम में एक गारमेंट कंपनी में नौकरी करते हैं।
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भीड़ के चलते दरवाजे के पास ही खड़ी थी ज्योति

- फोटो : अमर उजाला
वहीं दोनों भाई इंजीनियर हैं। ज्योति भी चंद आयुषमान अस्पताल में नर्स थी। शादी की वजह से उसने चंद दिनों पूर्व नौकरी छोड़ी थी। एक फरवरी 2017 को उसकी शादी तय थी।

मंगलवार को वह आयुषमान अस्पताल के स्टाफ को अपनी शादी का कार्ड देने गई थी। दोपहर बाद वह अपनी दो सहेलियों के साथ अस्पताल से घर वापस लौट रही थी।

घर जाने के लिए ज्योति द्वारका मोड़ से डीटीसी लो फ्लोर बस (रूट संख्या-835, तिलक नगर से ढांसा बार्डर) में सवार हुई। बस में भीड़ अधिक थी। ज्योति पिछले दरवाजे के पास ही खड़ी हो गई।

खुद ही खुल गया था दरवाजा

उत्तम नगर मेट्रो पिलर (800) के पास पहुंचने पर अचानक चालक ने गलती से पिछला दरवाजा खोल दिया। ज्योति उसी बस के पिछले पहिये के नीचे आ गई। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया।

बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। चालक ने पुलिस को बताया है कि बस का दरवाजा उसने नहीं खोला, बल्कि तकनीकी खराबी की वजह से खुद ही खुल गया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

बस को कब्जे में लेकर उसकी तकनीकी जांच की जा रही है, इस बात का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दरवाजा अपने आप खुला या चालक ने खोला।- सुरेंद्र कुमार, दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त
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शादी के घर में कोहराम,परिजनों का बुरा हाल...

ज्योति के घर धूमधाम से शादी की तैयारियां चल रही थी। इस 21 दिन बाद ही उसकी शादी थी। अपनी शादी को लेकर ज्योति भी काफी खुश थी। परिजनों के कहने पर उसने चंद ही दिनों पूर्व अपनी नौकरी छोड़ दी थी।

एक रिश्तेदार ने बताया कि घर वालों के मना करने के बावजूद वह अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती थी। उसके पिता गुरुग्राम में प्राइवेट नौकरी करते हैं, जबकि बड़ा भाई सुमित एक प्राइवेट कंपनी में मैकेनिकल इंजीनियर है।

छोटे भाई अमित ने हाल में कैमिकल इंजीनियरिंग की है। घटना के बाद से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। इकलौती बहन की मौत से दोनों भाईयों का रोते-रोते बुरा हाल है।
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