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12वीं में 2 बार फेल हुई छात्रा तो लगा ली फांसी, मां बोली- नहीं पता था ऐसा करेगी बेटी

Sun, 03 Jun 2018 11:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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file photo
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हरौला गांव में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी संस्थान (एनआईओएस) की 12वीं की परीक्षा में फेल होने से निराश एक छात्रा ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। एनआईओएस का रिजल्ट शुक्रवार को आया था। उस समय छात्रा घर में अकेली थी। माता-पिता काम पर गए थे। वापस लौटने पर उन्होंने बेटी को फांसी पर लटका देखा। थाना सेक्टर-20 पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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मूलरूप से बिहार निवासी राम किंकर मंडल, पत्नी बबीता और 18 वर्षीय बेटी रोशनी के साथ हरौला में किराये पर रहते हैं। वह और उनकी पत्नी सेक्टर-6 स्थित एक गारमेंट फैक्ट्री में सिलाई करते हैं। राम ने बताया कि रोशनी ने पिछले साल भी एनआईओएस से 12वीं की परीक्षा दी थी, लेकिन फेल हो गई थी। मां ने उसे काफी समझाकर सदमे से बाहर निकाला। इस वर्ष रोशनी ने परीक्षा के लिए जमकर तैयारी की थी। परीक्षा खत्म होने के बाद वह काफी खुश भी थी। उसे परीक्षा में अच्छे नंबर आने की उम्मीद थी। शुक्रवार को प्रतिदिन की तरह वह और उसकी पत्नी फैक्ट्री गए थे। बेटी घर पर अकेली थी। 
 
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बेटी रोशनी पंखे से चुन्नी लगाकर लटकी हुई थी।

- फोटो : Youtube
शाम छह बजे घर लौटे तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी खटखटाने पर भी दरवाजा नहीं खुला तो खिड़की से अंदर देखा। उनकी बेटी रोशनी पंखे से चुन्नी लगाकर लटकी हुई थी। उनके शोर मचाने पर आस-पड़ोस के लोग जमा हो गए और गेट तोड़कर रोशनी को नीचे उतारा। इसके बाद परिजन तुरंत उसे कैलाश अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से सूचना पाकर थाना सेक्टर-20 पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने शनिवार शाम को अंतिम संस्कार कर दिया।

राम किंकर ने बताया कि उन्हें और उनकी पत्नी को रिजल्ट आने का पता ही नहीं था। अगर पहले से पता होता तो शायद वह लोग काम पर जाते ही नहीं। शुक्रवार शाम कैलाश अस्पताल से वापस लौटने के बाद हरौला में ही रहने वाली रोशनी की सहेली पूजा गौड़ घर पर आई। उसने रोशनी के बारे में पूछा तो राम किंकर ने उसे बताया कि वह अब दुनिया में नहीं रही। इसके बाद पूजा ने ही उन्हें रिजल्ट आने की बात बताई। उन्होंने रिजल्ट नहीं देखा है। इसलिए उन्हें नहीं पता कि बेटी कितने विषयों में फेल हुई या उसके कितने नंबर आए हैं। उन्हें बेटी का परीक्षा अनुक्रमांक भी पता नहीं है।
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