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Ghaziabad News: गेमिंग एप चलाने वाले यू - ट्यूबर को अगवा कर मांगी 50 लाख की फिरौती

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गाजियाबाद। गेमिंग एप चलाने वाले यू-ट्यूबर प्रवीन चौधरी को छह लोगों ने अगवा कर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। पुलिस ने इनमें से दो को गिरफ्तार कर लिया। उनसे पूछताछ में खुलासा हुआ कि छह में से एक गेमिंग एप पर 1.5 करोड़ रुपये हार गया था। इसके लिए वह प्रवीन चौधरी को जिम्मेदार मानकर खुन्नस में आ गया। इसी खुन्नस में उसने पूरी साजिश रची।
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नोएडा के बिसरख निवासी प्रवीन ने पुलिस को बताया कि वह पांच सितंबर को पिता को अस्पताल से डिस्चार्ज कराने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान बदमाशों ने अपनी कार से उनकी फॉर्चूनर कार में पीछे से टक्कर मारी। वह रुककर उतरे तो बदमाशों ने पिस्टल तानकर उन्हें अपनी कार में बैठा लिया। इसके बाद दो लोग उनकी कार ले गए। चार अन्य बदमाशों ने कार में उनकी पिटाई की। उन्हें धमकी देकर घर फोन कराया और 50 लाख फिरौती की मांग की। उनसे कहा कि अगर फिरौती की रकम नहीं मिली तो हत्या कर देंगे। प्रवीन ने बताया बदमाशों ने उनकी चेन, एक लाख रुपये और मोबाइल भी छीन लिया।
पिता ने दी पुलिस को सूचना
प्रवीन ने बताया कि उनके घर न पहुंचने पर परिवार के लोग बेचैन हो गए। बदमाशों ने उनका फोन स्विच आफ कर दिया था। उनके पिता ने उनकी स्मार्ट वाच की लोकेशन का पता लगाया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस स्मार्ट वाच की लोकेशन से आरोपियों तक पहुंच गए। बदमाश उन्हें मथुरा ले गए थे। मथुरा पुलिस ने सुरेंद्र नाम के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ के बाद जानकारी मिलने पर गाजियाबाद पुलिस ने दूसरे आरोपी मनीष कसाना को पकड़ लिया।
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पहले मुनाफा हुआ, फिर नुकसान
डीसीपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी मनीष कसाना बिसरख का ही रहने वाला है। उसका एक परिचित दिल्ली का रहने वाला राहुल गुप्ता है। पूछताछ में पता चला कि यूट्यूबर प्रवीन पूर्व में तिरंगा नाम गेमिंग एप चलाते थे। इसमें वह लोगों से रुपये निवेश कराते थे। इस एप पर मनीष के कहने पर राहुल ने रुपये निवेश किए थे। शुरुआत में राहुल का मुनाफा हुआ लेकिन बाद में वह करीब डेढ़ करोड़ रुपये हार गया। राहुल ने मनीष पर रुपये वापस दिलाने के लिए दबाव बनाया। मनीष ने मना कर दिया। इस पर राहुल ने अपहरण की साजिश रची। मनीष इसमें शामिल हो गया। मनीष ने ही मथुरा के रहने वाले दोस्त सुरेंद्र, मनोज, हितेश और पुष्पेंद्र को भी शामिल कर लिया।
राजनगर के होटल में रुके थे
पुलिस को जांच में पता चला राहुल गुप्ता, मनीष, सुरेंद्र, मनोज, हितेश और पुष्पेंद्र चार सिंतबर की रात को राजनगर में आ गए, जहां उन्होंने एक होटल में कमरे लिए। साजिश के तहत सभी पांच सितंबर सुरेंद्र की कार से प्रवीन के पीछा किया और टक्कर मारकर वारदात को अंजाम दिया। डीसीपी ने बताया कि राहुल, हितेश, मनोज और पुष्पेंदऱ की तलाश की जा रही है। मनीष पर सात और सुरेंद्र पर चार मुकदमे दर्ज हैं। इनपर रंगदारी मांगने, आईटीएक्ट, आर्म्स एक्ट, धोखाधड़ी, जालसाजी के मुकदमे दर्ज हैं।
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