प्रदीप ने बताया कि उसका भाई चंद्रशेखर अपने मकान में पत्नी रजनी शेखर, आठ वर्षीय बेटी कनक, पांच वर्षीय काव्यांशी और डेढ़ वर्षीय छुटकी के साथ रहता है। वह नोएडा की एक निजी कंपनी में कार्य करता है। मकान की ऊपरी मंजिल पर किराएदार रहते हैं। गुरुवार को भाई ड्यूटी पर गए हुए थे। घर पर भाभी रजनी शेखर (35वर्ष) व तीनों बेटियां थीं। दोपहर करीब 1.30 बजे मोहल्ला निवासी युवक ने अपने एक साथी के साथ घर की घंटी बजाई।
भाभी के गेट खोलने पर उसने कहा कि वह घर में लगा झूमर देखना चाहता है। उसे भी ऐसा ही झूमर खरीदना है। झूमर देखने के बहाने घर में घुस गया और चाकू से भाभी की गर्दन पर वार करते हुए गंभीर रूप से घायल कर दिया। बचाव करते समय उसकी भाभी के हाथ भी जख्मी हो गए। शोर सुनकर ऊपर से किराएदार पहुंचे और मोहल्ले के लोग पहुंच गए। मोहल्ले के लोगों ने भाग रहे आरोपी के साथी को दबोच लिया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मोहल्ले के लोगों ने पकड़े गए आरोपी को पुलिस को सौंप दिया।
आरोपी और परिवार के लोग फरार
आरोपी की नगर के बाजार में जूतों की दुकान है। वह दोपहर में खाना खाने के लिए कहकर घर आया था। घटना के तुरंत बाद वह अपनी दुकान पर पहुंचा और पुलिस के पहुंचने से पहले ही दुकान बंद कर फरार हो गया। आरोपी के परिजन भी मकान को खुला छोडक़र फरार हो गए।
15 मिनट तक नहीं लगा डायल 112
प्रदीप ने बताया कि घटना के बाद वह पुलिस को जानकारी देने के लिए डायल 112 पर फोन लगाता रहा। करीब 15 मिनट बाद जाकर नंबर लगा। भाभी की हालत गंभीर होने के कारण पुलिस के समय से नहीं पहुंचने पर वह स्वयं ही भाभी को उपचार के लिए सीएचसी सिकंदराबाद लेकर पहुंचा।