उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के मसूरी क्षेत्रांतर्गत रफीकाबाद में दो माह पूर्व भतीजे ने जमीनी विवाद में चाचा की हत्या की थी। मृतक के पिता ने अपने पोते को हत्या के मामले में नामजद किया था, जिसे पुलिस ने जेल भेज दिया था। पुलिस की छानबीन में मुख्य आरोपी के साथ हत्या करने की वारदात को अंजाम देने वाले उसके साथी हैदर को डासना स्टैंड से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
सहायक पुलिस आयुक्त मसूरी लिपी नगायच ने बताया कि पुलिस ने हत्या के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे वांछित आरोपी हैदर पुत्र ननवा निवासी लुहारों वाली मस्जिद डासना वेवसिटी को रविवार दोपहर डासना स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को पुलिस ने बीएनएस की धारा 103(1) बीएनएस व 3/5 आर्म्स एक्ट के तहत जेल भेजा है।
पुलिस के अनुसार, 15 अप्रैल की दोपहर अफजाल पुत्र सत्तार निवासी लुहारों वाली मस्जिद कस्बा डासना वेव सिटी को मसूरी क्षेत्र के रफीकाबाद एसआर गार्डन के पास स्थित कन्नी निर्माण कारखाने में बुलाकर तालिब ने अपने साथी हैदर के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। मामले में आरोपी तालिब पुत्र असलम निवासी लुहारों वाली मस्जिद डासना वेव सिटी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। पूछताछ में गिरफ्तारी के बाद आरोपी हैदर ने स्वीकार किया कि वह तालिब के कारखाने में दो माह से काम करने आया था।
उस रोज फईम, मोहसिन और सगीर काम पर नहीं आये थे। तालिब के बुलाने पर वह रफीकाबाद स्थित कन्नी के कारखाने में सुबह 8 बजे पहुंच गया था और तालिब भी उसके बाद में कारखाने आ गया मगर कुछ देर के बाद वह किसी से बात करते हुए बाहर चला गया। हैदर ने बताया कि कुछ देर बाद तालिब वापस आ गया और उसके बाद तालिब का चाचा अफजाल भी वहां पहुंच गया। हैदर कारखाने के सामने से कोल्ड ड्रिंक लेकर आया जिसे तीनों ने पी। उसके बाद अफजाल व तालिब जमीनी बंटवारे को लेकर बातचीत करने लगे मगर दोनों के बीच विवाद अचानक हिंसक हो गया, दोनों के बीच मारपीट शुरू हो गई।
तालिब एक पैर से दिव्यांग होने से कमजोर पड़ रहा था, इस पर तालिब ने हैदर से चिल्लाकर कहा देख क्या रहा है, मार इसे। इसके बाद दोनों अफजाल के साथ मारपीट करने लगे। हैदर ने बताया कि दोनों ने मिलकर वहां रखे हथौड़े से अफजाल के सिर पर वार किया तो अफजाल ने अपने बचाव में हैदर के दाहिने बाजू में दांतों से जोर से काट लिया, जिसका निशान आज भी बाजू पर मौजूद है। उसके बाद तालिब ने तमंचे से अफजाल को गोली मार दी। उसके बाद हम दोनों वहां से भाग गए। हैदर ने अपना इलाज धौलाना रोड पर निजी चिकित्सक से कराया। तालिब ने उसे बचाने के लिए सारा इल्जाम अपने उपर ले लिया, उसने कहा था कि किसी से बताना नहीं जबकि घटना में वह भी शामिल था। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।