गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में बुधवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बीपी जांच कराने पहुंची एक युवती ने अचानक हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि युवती ने उग्र होकर ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों पर चाकू से हमला करने का प्रयास किया और इमरजेंसी कक्ष में रखे दस्तावेज इधर-उधर फेंक दिए। घटना के चलते करीब एक घंटे तक अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था प्रभावित रही। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवती को हिरासत में लेकर स्थिति नियंत्रित की।
अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि साहिबाबाद के राजबाग कॉलोनी निवासी 21 वर्षीय निधि सिंह बुधवार दोपहर करीब पौने तीन बजे एमएमजी अस्पताल पहुंची थी। बताया गया कि वह रक्तचाप (बीपी) जांच कराने के लिए इमरजेंसी में आई थीं, लेकिन उस समय बीपी मशीन पर महिला स्टाफ उपलब्ध नहीं थी। इसी दौरान युवती अचानक उत्तेजित हो गई और इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. मुकेश और डॉ. शेखर के साथ अभद्र व्यवहार करने लगी। आरोप है कि उसने चाकू निकालकर डॉक्टरों की ओर हमला करने की कोशिश की। हंगामे के दौरान युवती ने डॉक्टरों की मेज पर रखे महत्वपूर्ण कागजात फेंक दिए और डॉक्टर की कुर्सी पर बैठकर असामान्य व्यवहार करने लगी। पूरी घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। सीएमएस ने घटना को गंभीर बताते हुए अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा बढ़ाने की आवश्यकता जताई है। वहीं पुलिस ने बताया कि युवती के पिता वीर बहादुर सिंह ने बताया कि उनकी बेटी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या से पीड़ित है। उसका इलाज दिल्ली स्थित मानसिक स्वास्थ्य संस्थान इबहास में चल रहा है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।
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