एक सप्ताह पहले नशा मुक्ति केंद्र से भागने के दौरान युवक की हुई मौत ने एक बार फिर मानवता को शर्मसार किया है। सोसायटी के गेट के दरवाजे के ग्रिल से घायल युवक करीब 33 मिनट सड़क पर पड़ा तड़पता रहा, लेकिन पुलिस तमाशा देखती रही। सीसीटीवी फुटेज ने पुलिस की संवेदनहीनता की पोल खोल दी है
22 अगस्त की रात राजेंद्र नगर स्थित दीर्घायु नशा मुक्ति केंद्र से 14 मरीज भाग गए थे। इस दौरान सोसायटी के गेट से कूदते समय गेट की ग्रिल का सरिया पेट में घुसने से पसौंडा निवासी मोहसिन (38) की मौत हो गई थी। परिजनों ने जिस स्थान पर मोहसिन की मौत हुई, उसके सामने ही लगे एक स्कूल के सीसीटीवी की फुटेज निकलवाई तो पुलिस और लोगों की निष्क्रियता देखने को मिली।
फुटेज के अनुसार रात 11 बजकर दो मिनट पर घायल मोहसिन सड़क पर आकर गिर गया। 11:11 बजे वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन किसी ने माोहसिन को उठाने का प्रयास नहीं किया। इतना ही नहीं 11:22 बजे पीसीआर वैन मौके पर पहुुंची और उसमें से चार कांस्टेबल उतरे, लेकिन उन्होंने भी तुरंत मोहसिन को अस्पताल पहुंचाना जरूरी नहीं समझा।
11:44 बजे पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया, मगर इससे पहले ही उसने दम तोड़ दिया।परिजन एसएसपी साहिबाबाद से मिलेमोहसिन के परिजन मंगलवार को एएसपी साहिबाबाद से मिलने पहुंचे। मोहसिन के चाचा शाकिर ने कहा कि अगर समय से मोहसिन को अस्पताल पहुंचाया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। मामले में नशा मुक्ति केंद्र का संचालक अभी तक फरार है।
अभी तक एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई है। एएसपी साहिबाबाद आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि जांच के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी। लापरवाही करने वाले कांस्टेबलों पर भी कार्रवाई की जाएगी।