सीओ जितेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि ईदगाह कॉलोनी निवासी मुन्ना का शव 30 जनवरी को चितौली रोड पर भट्टे के पास पड़ा मिला था। जिसके बाद एसपी ज्ञानंजय सिंह ने घटना के खुलासे के लिए दो टीमों का गठन किया था। जांच के आधार पर इस मामले में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मुनीष प्रताप सिंह व उनकी टीम ने आरोपी कमरुद्दीन निवासी मोहल्ला कोटला युसुफ जामन वाली मस्जिद के पीछे को रामपुर रोड नाले के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कमरुद्दीन बेलदारी का कार्य करता है।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि कभी-कभी आरोपी बेलदारी का कार्य करने के लिए रामपुर रोड स्थित चमड़ा पैंठ में भी जाता था। यहां आरोपी की पहचान मृतक मुन्ना से हुई थी। आरोपी व मुन्ना में दोस्ती हो गई और दोनों साथ-साथ में शराब पीने लगे। दो माह पहले आरोपी की मृतक से कहासुनी के बाद हाथापाई भी हुई थी। इस दौरान आसपास के लोगों ने आरोपी को ही बुरा भला कहा था। इसके अलावा आए दिन शराब पीकर दोनों में कहासुनी होती थी और मुन्ना कमरुद्दीन का शराब पीकर बेइज्जती करता था।
30 जनवरी को शाम के समय मुन्ना आरोपी कमरुद्दीन को रामपुर रोड पर मिला था। जिसके बाद दोनों चितौली रोड स्थित भट्टे के पास खेत में बैठकर शराब पीने चले गए। इस दौरान दोनों में कहासुनी के बाद हाथापाई हो गई थी। इससे गुस्साए आरोपी ने पास में पड़ी रस्सी से गला घोंटकर मुन्ना की हत्या कर फरार हो गया था। किसी को हत्या की भनक न लगे, ऐसे में वह फरार हो गया था।
पव्वा घर ले जाने की बात को लेकर भी हुआ था विवाद
पुलिस सूत्रों की माने तो हत्या के दिन मृतक मुन्ना व आरोपी कमरुद्दीन तीन पव्वे लेकर शराब पीने के लिए गए थे। एक-एक पव्वा दोनों ने पी लिया था। जबकि एक पव्वा शेष बच गया था। आरोपी कमरुद्दीन उस पव्वे को घर ले जाने की जिद कर रहा था। इस दौरान मृतक मुन्ना ने इसका विरोध किया था और शराब को साथ पीकर खत्म करने की बात कही। इसी पर दोनों में विवाद हो गया था। झगड़े के दौरान दोनों ही अधिक नशे में थे। आरोपी ने पास में पड़ी रस्सी से गला घोटकर मुन्ना को मौत के घाट उतार दिया।