दुष्कर्म, छेड़छाड़ या पोक्सो एक्ट से संबंधित मामलों में अब अगर कोई गवाह कोर्ट में मुकरा तो उसकी खैर नहीं। डीएम ने अभियोजन अधिकारी को आदेश दिए हैं कि कोर्ट में मुकरने वाले गवाहों के खिलाफ सीआरपीसी के तहत कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा ऐसे मामलों में अगर पीड़िता खुद आरोपी पक्ष से समझौता करती है तो शासन स्तर से दी जाने वाली राशि का उसे लाभ नहीं मिलेगा। जिला शासकीय अधिवक्ता सुरेश यादव ने बताया कि डीएम की बैठक के बाद इस मामले में अब और भी गंभीरता बरती जा रही है।
हालांकि उन्होंने इसी वर्ष जनवरी से लेकर अप्रैल तक 24 ऐसे लोगों पर सीआरपीसी के तहत कार्यवाही कराई है, जोकि कोर्ट में अपने बयानों से मुकर गए थे। उन्होंने बताया कि विगत चार माह के दौरान विशेष न्यायालय में पोक्सो में 62 केस पर सुनवाई हुई।
इनमें से तीन मामलों में कोर्ट ने आरोपियों को सजा सुनाई। उन्होेंने बताया कि अकेेले अप्रैल माह के दौरान ही अभियोजन की प्रार्थना पर कोर्ट ने 13 केसों में पक्षद्रोही (गवाही से मुकरने) होने पर सीआरपीसी 344 के तहत कार्यवाही की गई है।