इस दिवाली घर में मिट्टी के दीये जलाकर आप बच्चों के चेहरे पर मुस्कान ला सकते हैं। प्रेरणा बाल आश्रम में रह रहे अनाथ बच्चे दिवाली मेले के लिए दीये डेकोरेट कर रहे हैं।
दिवाली के लिए इस इस बार प्रेरणा बाल आश्रम के बच्चे दीये डेकोरेट कर रहे हैं।
इनके साथ ही भागीरथ स्कूल में दिव्यांग बच्चों द्वारा भी दीये और डिजाइनर मोमबत्ती तैयार किए जा रहे हैं। प्रेरणा बाल आश्रम के संचालक आचार्य तरुण ने बताया कि गत वर्ष बच्चों को दीये डेकोरेट करना सिखाया गया था। इस बार बच्चे मिट्टी के दीये डेकोरेट कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बच्चों द्वारा तैयार दीये अलग-अलग स्कूल और सोसायटी द्वारा लगाए जा रहे दिवाली मेले में लगाए जाएंगे। दूसरी ओर भागीरथ स्कूल में दिव्यांग बच्चों द्वारा तैयार किए जा रहे डिजाइनर मोमबत्ती और दीये की भी दिवाली मेले में मांग है।
स्कूल प्रबंधक अमिताभ शुक्ल ने बताया कि दिव्यांग बच्चों द्वारा प्रति वर्ष दीये तैयार किए जाते हैं। दीये बिकने से जो आमदनी होती है, इन्हीं बच्चों पर खर्च की जाती है।
5100 दीयों से झिलमिलाएगा हापुड़ चुंगी चौराहा
प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने का संदेश देते हुए परमार्थ समिति के पदाधिकारियों द्वारा धनतेरस के मौके पर 5100 मिट्टी के दीये जलाए जाएंगे। यह दीपक हापुड़ चुंगी चौराहे पर जलाया जाएगा।
परमार्थ समिति केअध्यक्ष वीके अग्रवाल ने बताया कि हर बार की तरह इस बार भी प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने का संदेश दिया जाएगा। इस दीपदान में शहर के सभी लोगों को आमंत्रित किया गया है। मिट्टी के दीये जलाकर समिति द्वारा चौराहे से गुजरने वाले लोगों को प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने को जागरूक किया जाएगा।