सीएम योगी आदित्यनाथ, राशन कार्ड
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एक लाख तक का कर्ज माफ करने का फैसला योगी सरकार का एतिहासिक फैसला है। इससे पहले कभी किसानों और गरीबों की सुध नहीं ली गई। गरीब-किसानों के लिए योजनाएं बनाने के बडे़-बडे़ दावे सपा सरकार ने किए थे, मगर हकीकत यह है कि पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान किसान त्राहि-त्राहि कर उठे थे।’
यह कहना है भाजपा किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजा वर्मा का।राजा वर्मा बुधवार को आरडीसी स्थित भाजपा महानगर कार्यालय में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसान देश की रीढ़ की हड्डी हैं। पूर्व सरकार ने किसानों की चिंता नही की, तभी किसान त्राहि त्राहि करने लगे थे।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार की प्रथम कैबिनेट बैठक में ही किसानों की समस्याओं के लिए अभूतपूर्व निर्णय लिए गए। इसमें लघु एवं सीमांत किसानों का एक लाख तक का फसली ऋण माफ करने का फैसला लिया गया। इस एतिहासिक फैसले में 36349 करोड़ का कर्ज माफ किया गया।
इसके साथ ही 80 लाख टन गेहूं खरीद का निर्णय लिया गया, जबकि किसानों के हित में1665 रुपये गेहूं का समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया। इसके अतिरिक्त 10 रुपये प्रति क्विंटल लोडिंग और अनलोडिंग अलग से दिया जाएगा।
प्रेसवार्ता में प्रदेश सरकार में मंत्री अतुल गर्ग एवं गाजियाबाद के प्रथम व्यक्ति आशु वर्मा ने भी अपने विचार रखे। इसके इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष अजय शर्मा, मंत्री राजीव अग्रवाल और मीडिया प्रभारी राहुल गोयल भी मौजूद रहे।