एक्स-रे जांच केंद्र का उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रोफेसर सैय्यद शाह आलम ने किया। उन्होंने बताया कि रोजाना करीब 40 से 50 मरीजों की एक्स-रे जांच की जा रही है। हड्डियों और जोड़ों के दर्द से पीड़ित मरीजों के लिए यह सेवा बेहद जरूरी मानी जाती है। अब इस सुविधा के शुरू हो जाने से मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर और अलीगढ़ जैसे आसपास के जिलों से आने वाले मरीजों को भी बड़ी सहूलियत मिलेगी।
अस्पताल में रोजाना लगभग 1500 से 1700 मरीजों का पंजीकरण हो रहा है। इनमें से बड़ी संख्या में हड्डी और जोड़ दर्द के मरीज होते हैं, जिन्हें डॉक्टर अक्सर एक्स-रे कराने की सलाह देते हैं। अब एक्स-रे सुविधा उपलब्ध होने के कारण इलाज की प्रक्रिया और तेज हो सकेगी। अस्पताल प्रशासन ने पंजीकरण प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। पहले जहां मरीजों का पंजीकरण शाम चार बजे तक होता था, वहीं अब इसे घटाकर दोपहर दो बजे तक कर दिया गया है। पंजीकरण समय में इस परिवर्तन का उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना और मरीजों को बेहतर सुविधा देना है। निदेशक ने बताया कि दो बजे तक जिन मरीजों का पंजीकरण हो जाएगा उन्हें इलाज अवश्य मिलेगा। इसके अलावा संस्थान के प्रोफेसर दो बजे से प्रशिक्षु चिकित्सकों को पढ़ाना शुरू करते हैं।
फार्मेसी काउंटर पर शुरू हुआ टोकन
मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल की फार्मेसी में टोकन सिस्टम भी शुरू कर दिया गया है। इससे दवा वितरण प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित हो सकेगी और मरीजों को लंबी कतारों में खड़े होने से राहत मिलेगी। अब मरीज अपनी बारी का इंतजार बेंच पर बैठकर कर सकेंगे। इससे बुजुर्ग और बीमार मरीजों को खासतौर से आराम मिलेगा।
संस्थान के निदेशक प्रो. सैय्यद शाह आलम ने बताया कि यूनानी अस्पताल लगातार मरीजों की सुविधाओं में सुधार की दिशा में प्रयासरत है। एक्स-रे जांच और पंजीकरण व्यवस्था में बदलाव इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन नई व्यवस्थाओं से मरीजों को न केवल बेहतर इलाज मिलेगा, बल्कि उनका समय भी बचेगा।