वर्ल्ड डायबिटीज डे पर सोमवार को प्राइवेट और सरकारी चिकित्सकों ने लोगों को मधुमेह की बीमार को लेकर जागरूक किया। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता के लिए रैली भी निकाली। विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर पुलिस लाइंस और सीएचसी पर डायबिटीज कैंप भी लगाया गया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से एमएमजी से रैली निकाली गई और घंटाघर रामलीला मैदान पर समाप्त हुई। रैली को सीएमओ डॉ. अजेय अग्रवाल और एमएमजी के सीएमएस डॉ. जेके त्यागी ने हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर एसीएमओ डॉ. किरण गर्ग, डॉ. विश्राम सिंह, डॉ. राजेश सहित एनसीसी कैडेट्स और डब्ल्यूओ के अधिकारियों ने भाग लिया।
उधर, पुलिस लाइन, संजय नगर जिला अस्पताल और सीएचसी पर डायबिटीज के मरीजों के लिए स्वास्थ्य कैंप लगाया गया। इसमें कुल 764 मरीजों की जांच हुई। अकेले पुलिस लाइंस में पुलिसकर्मियों और उनके परिवार के कुल 613 लोगों की जांच की गई।
इस कैंप का उद्घाटन एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि पुलिस हमेशा ड्यूटी के चलते अपनी सेहत का ध्यान नहीं देती है। इसलिए समय-समय पर इस तरह के कैंप लगते रहने चाहिए।
इसके अलावा एएसपी अनूप कुमार, प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ शाखा गाजियाबाद के अध्यक्ष डॉ. एके सिंह और सचिव डॉ. प्रदीप यादव मौजूद रहे। संजयनगर सेक्टर-23 स्थित एपीजे अब्दुल कलाम वेलफेयर सोसायटी डिस्पेंसरी में भी डायबिटीज के मरीजों के लिए हेल्थ कैंप लगाया गया।
डॉक्टरों ने बताया कि डायबिटीज के मरीजों में सबसे अधिक पैरों में चुभन होना, जलन और सूजन होना आदि लक्षण पाए जा रहे हैं। इस दौरान डा. सलीम, डा. मोइन, अनवर जैदी, हाजी हारून, इमरान मिर्जा, मसूद आदि मौजूद रहे।
शुगर जोड़ों पर करता है असर:
शुगर की बीमारी सबसे अधिक शरीर के जोड़ों पर असर करती है। शुगर से हृदय संबंधी बीमारियों, किडनी के होने वाले नुकसान के बारे में सभी लोग जानते हैं लेकिन यह नहीं जानते कि डायबिटीज के कारण जोड़ों को स्थायी नुकसान पहुंचता है।
यह कहना था कि प्राइवेट चिकित्सकों का। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के अनुसार 2015 तक भारत में डायबिटीज के 6.91 करोड़ मामले थे और इस वजह से हर साल 1,027,911 लोगों की मौत होती है। भारत में करीब 8.7 फीसदी वयस्क (20-79 वर्षीय) डायबिटीज से पीड़ित हैं।
आर्थोपैडिक डा. मनिंदर शाह ने बताया कि डायबिटीज की वजह से फ्रोजन शोल्डर, स्टिफ हेड, ज्वाइंट मोबेलिटी सहित जोड़ों में दर्द और अकड़न की समस्या रहती है। इससे बचाव के लिए चिकित्सकों कहना है कि शुगर नियंत्रित रखें।
खानपान का विशेष ध्यान रखें। रोजाना ब्लड शुगर की जांच करते रहे। अगर शरीर का कोई हिस्सा सुन्न हो रहा हो तो डाक्टर को दिखाएं। कम से कम 30 मिनट का व्यायाम करें। वजन को हमेशा नियंत्रित रखें।