30 अप्रैल की तय समय सीमा बीतने के बाद भी बिजनेस प्लान का काम पूरा नहीं हो सका है। ऊर्जा निगम के अधिकारियों के अनुसार स्टोर में सामान उपलब्ध नहीं होने के कारण बिजनेस प्लान और आरडीएसएस के कार्य पूरे होने में देरी हो रही है। स्टोर में अब सामान आने पर कार्य शुरू हुआ है। इसके लिए रोजाना सभी उपकेंद्रों से बिजली की कटौती हो रही है। विद्युत सामग्री उपलब्ध न होने के कारण बिजनेस प्लान 2023-24 के कार्य अटके हुए हैं।
गर्मियों में शहरवासियों को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति उपलब्ध हो सके। इसके लिए विभाग की ओर से बिजनेस प्लान के तहत कई चरणों में ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, जर्जर तार, जर्जर खंभे, बिजली घरों की क्षमता वृद्धि आदि बदलने का कार्य कराया जा रहा है। अभी जिले में बिजनेस प्लान 2023-24 के तहत कार्य कराए जा रहे हैं। इसके बाद बिजनेस प्लान 2024-25 के तहत कार्य भी पूरे होने हैं। बावजूद इसके अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। बिजनेस प्लान 2023-24 के लिए कई कार्यदायी संस्थाएं जिले में काम कर रही हैं, लेकिन इन संस्थाओं के संचालकों ने उच्च अधिकारियों को बताया कि कार्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए उन्हें स्टाेर (विद्युत भंडार केंद्र) से विद्युत सामग्री नहीं मिल रही है। इस कारण प्लान के कार्यों को पूर्ण करने में विलंब हो रहा है। जिस पर उच्च अधिकारियों ने फटकार भी लगाई है।
अब चल रहा सुधार कार्य
कुछ सामानों की आपूर्ति होने के बाद कई स्थानों पर बिजनेस प्लान के तहत कार्यों को कराया जा रहा है। इसके चलते रोजाना बिजली की कटौती हो रही है। शास्त्रीनगर, गोविंदपुरम समेत अन्य कई इलाकों में विद्युत सुधार के लिए कार्य कराया जा रहा है। मुख्य अभियंता जोन एक अशोक कुमार ने बताया कि स्टोर में सामान नहीं होने के कारण कुछ कार्यों में देरी हुई। अब कार्य तेजी से चल रहा है।