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Ghaziabad News: केले के पत्तों की आड़ में लकड़ी की तस्करी पकड़ी, प्राथमिकी दर्ज

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पुलिस ने गिरफ्तार किए लकड़ी लकड़ी तस्कर रविन्द्र व अंकित। संवाद
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मसूरी। पुलिस व क्राइम ब्रांच ने ट्रक में केले और उनके पत्तों की आड़ में छिपाकर ले जाई जा रही प्रतिबंधित खैर की 70 क्विंटल लकड़ी बरामद की है।
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पुलिस ने ट्रक को जब्त कर तस्करी करके ले जाने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि ये लकड़ी बिहार से हरियाणा ले जाई जा रही थी। आरोपियों ने पुलिस को बिल्टी दिखाई जो फर्जी निकली।
मामले में क्राइम ब्रांच में तैनात उपनिरीक्षक पूरन सिंह ने मसूरी थाने में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। एसीपी मसूरी लिपि नगायच ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि डासना फ्लाईओवर से आगे एनएच नौ जेल कट के पास एक सफेद रंग का ट्रक अवैध सामान लेकर खड़ा है, जो कहीं जाने की फिराक में है।
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सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने खड़े ट्रक में बैठे दो लोगों को पकड़ लिया। पकड़े गये दोनों व्यक्तियों की पहचान नगरिया जाहर दादों अलीगढ़ निवासी चालक रविंद्र पुत्र प्रभुदयाल और ट्रक हेल्पर नगरिया जाहर दादों अलीगढ़ निवासी अंकित के रूप में हुई।
ट्रक की तलाशी ली गई तो उसमें केले के पत्ते और खराब केले पड़े मिले। उन्हें हटाकर देखा तो लकड़ी टुकड़ों में कटी हुई लदी मिली। सख्ती से ट्रक चालक व हेल्पर से पूछा तो उन्होंने इसे प्रतिबंधित खैर की लकड़ी बताया, जिसका वजन करीब 70 क्विंटल है।
उन्होंने बताया कि पुलिस व वन विभाग के अधिकारियों से बचने के लिए लकड़ी को केले व केले के पत्तों में छिपाकर रखा है। रविन्द्र ने पुलिस को बताया कि वह ट्रक का चालक और मालिक है जबकि अंकित हेल्पर का काम करता है। यह माल बिहार के मधुबनी से हरियाणा के सोनीपत लेकर जा रहे थे। लकड़ी ले जाने के कागजात मांगे तो उन्होंने जो कागज दिखाए वह केले के परिवहन से जुड़े थे। पुलिस ने वन विभाग की टीम को बुलाया। मसूरी क्षेत्र वन विभाग के सेक्शन प्रभारी श्याम बिहारी व वन रक्षक निशांत वर्मा मौके पर पहुंचे।
उन्होंने ट्रक में लदी लकड़ी को देखकर बताया कि यह लकड़ी खैर प्रजाति की प्रतिबंधित लकड़ी है। उन्होंने बताया कि इन दोनों के पास जो कागज है, वह सिर्फ केले के परिवहन से जुड़े हैं। यह लोग केले के परिवहन पर फर्जी तरीके से खैर की लकड़ी ले जा रहे हैं।
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खैर की लकड़ी का परिवहन करने के लिए वन विभाग से अनुमति लेनी होती है, जिसमें वन विभाग के सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर व मोहर लगी होती है। एसीपी ने बताया कि दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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