बुधवार की दोपहर बंथला रेलवे फाटक पर जाम लग गया। दोनों ओर पांच-पांच किलोमीटर लंबी वाहनों की कतारें लग गईं। बच्चे, बूढे़, महिलाएं जान हथेली पर रखकर पटरी पर खड़ी मालगाड़ी के नीचे से गुजरते रहे। पूछने पर पता चला कि यह रोज की कहानी है।
बंथला फाटक पर फ्लाईओवर बन जाता तो यह समस्या न झेलनी पड़ती। राजनीतिक उपेक्षा का शिकार रहा लोनी इस चुनाव में भी ज्यादा उम्मीदें पाले हुए नहीं है। आम मतदाता अपने वर्तमान को ही मुकद्दर मान बैठा है। उसका कहना है कि चुनाव जीतने के बाद दिन नेता के बदलते हैं, उसके नहीं। हालांकि लोगों की चर्चा में बिरादरी वाद यहां साफ झलकता है।
17 लाख की आबादी वाली लोनी विधानसभा में 455284 मतदाता हैं। करीब आधी आबादी मजदूरों की है, जो दिल्ली या गाजियाबाद में मजदूरी करते हैं। ये 48 गांव और पांच सौ से अधिक कालोनियों में रहते हैं। बुनियादी सुविधाओं से कोसों दूर।
लोनी में सिर्फ दस प्रतिशत ऐसे लोग हैं, जिन्हें नगर पालिका से सप्लाई वाटर मिलता है। दस बेड का एक ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। सात स्वास्थ्य उपकेंद्र हैं, जहां बेड तक नहीं हैं। पिछले चुनाव में प्रत्याशियों ने 200 बेड का अस्पताल बनाने का वादा किया था, जो पूरा नहीं हुआ।
वहीं अगरौला के लतीफ ने कहा कि बिजली, पानी, सड़क सिर्फ नेताओं के वादे हैं, ये हम जानते हैं, बाकी वोटतो हम अपनी बिरादरी के प्रत्याशी को ही देंगे। नहीं पूरा हुआ डिग्री कालेज का वादा: लोनी में एक भी डिग्री कालेज नहीं है।
लोग लड़कियों को बीए कराने के लिए लोनी से बाहर नहीं भेजते। 2009 लोकसभा चुनाव के दौरान राजनाथ सिंह ने डिग्री कालेज बनाने का एलान किया था, फिर सांसद वीके सिंह ने भी किया। इस बार भी प्रत्याशी डिग्री कालेज बनाने का ढिंढोरा पीट रहे हैं लेकिन अभी तक इसके लिए जमीन भी चिन्हित नहीं की गई है।
कैसे अपराधमुक्त होगा लोनी
अपराध के मामले में लोनी बदनाम है। 17 लाख की आबादी पर तीन थाने, 280 सिपाही, 36 महिला सिपाही, 31 एसआई और तीन एसएचओ हैं। इतनी बड़ी आबादी के लिए यह नाकाफी हैं। अपराध के चलते ट्रॉनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र से आधे से अधिक उद्योग पलायन कर चुके हैं।
चुनावी चर्चा में छाई है बिरादरी
पंचलोक, नवादा, नानू, मंडोला, पचायरा, बदरपुर, चिरौरी, बंथला, जावली, महमूदपुर आदि गांवों में लोगों का कहना है कि उनकी बिरादरी का कोई प्रत्याशी जीत जाए, यही उनकी भी विजय है।
प्रत्याशियों का कहना
सपा-कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी राशिद मलिक ने कहा कि हमारा नारा है विकास से विजय की ओर। उन्होंने सपा शासन के विकास कार्यों को गिनाते हुए कहा कि डिग्री कालेज और दो सौ बेड अस्पताल का निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन यह कार्य कब शुरू हुआ, कितनी लागत से बन रहा है, यह वह बता नहीं पाए। बंथला फाटक पर चार साल से निर्माणाधीन फ्लाईओवर कब बनकर तैयार होगा, यह भी उन्हें स्पष्ट पता नहीं।
बसपा प्रत्याशी जाकिर अली ने कहा कि सपा की सरकार होने के चलते वे अपेक्षित विकास कार्य नहीं करा पाए। लेकिन उनकी सरकार बनी तो वे चहुंमुखी विकास करेंगे।
भाजपा प्रत्याशी नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि इस बार भाजपा की ही सरकार बनेगी और वे लोनी को लंदन बनाने का माद्दा रखते हैं।
रालोद प्रत्याशी मदन भैया संपर्क के प्रयास के बावजूद उपलब्ध नहीं हो पाए। वे अब भी ‘दबंग’ छवि के रूप में जाने जाते हैं। 2012 के चुनाव में वे जाकिर अली से 86 हजार मतों से हार गए थे।