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महिला कांस्टेबल व बैंक कर्मचारी सहित 182 मरीज संक्रमित 

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महिला कांस्टेबल व बैंक कर्मचारी सहित 182 मरीज संक्रमित  - 135 डिस्चार्ज, एक संक्रमित की मौत  माई सिटी रिपोर्टर   गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण की चपेट में 182 नए मरीज आए हैं। इलाज के बाद स्वस्थ होकर 135 लोगों को डिस्चार्ज भी किया गया है। एक व्यक्ति की संक्रमण की चपेट में आने से मौत हो गई। हालांकि मौत की पुष्टि विभाग ने नहीं की है। अब तक जिले में 3458 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से अब तक 2101 संक्रमण मुक्त होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। जबकि 1295 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। जिले में अभी तक 62 मौत की पुष्टि की गई है। संक्रमण की चपेट में आने वाली विजयनगर थाने की दो महिला कांस्टेबल, गोविंदपुरम निवासी एक बैंक कर्मचारी संक्रमण की चपेट में आए हैं। मंगलवार को अधिकांश संक्रमित मरीज इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा, लोनी, विजय नगर, प्रताप विहार क्षेत्र के हैं। जबकि कम मरीजों की संख्या मोदीनगर, मुरादनगर, कविनगर, राजनगर, संजय नगर, लोहिया नगर व नेहरू नगर क्षेत्र के हैं।  गोविंदपुरम निवासी 54 वर्षीय व्यक्ति की मौत गोविंदपुरम निवासी 54 वर्षीय व्यक्ति को कई दिनों से खांसी आने के साथ ही बुखार भी था। चार दिन पहले अचानक उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी तो परिजनों ने नेहरू नगर  स्थित यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया। जांच के दौरान कोरोना संक्रमण की भी पुष्टि हुई। मंगलवार को उनकी मौत हो गई। परिजनों ने कोविड प्रोटोकाल के तहत उनका अंतिम संस्कार कराया।  जिला अस्पताल में लगाए जाएंगे अतिरिक्त बूथ जिला एमएमजी अस्पताल में जांच के लिए लंबी लाइन लगने और घंटों तक लोगों को जांच के लिए इंतजार करने पर दो बूथ और शुरू किए जाएंगे। अस्पताल में एक दिन में औसतन 400 से अधिक लोगों की कोरोना जांच होती है। इसमें करीब 300 लोगों की जांच एंटीजन किट द्वारा और 100 लोगों की जांच आरटी-पीसीआर द्वारा की जाती है। पहले कोरोना सैंपलिंग अस्पताल में परिसर के बीचों-बीच रैन-बसेरा में की जा रही थी। इससे अन्य मरीजों को भी कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा था। इसको देखते हुए अस्पताल प्रबंधन की ओर से इमारत के पीछले हिस्से में कमरा नंबर-34 पर अलग व्यवस्था की गई। इसमें मरीजों की भीड़ बढ़ जाती है। एक सैंपल बूथ होने के कारण मरीजों को दिन-भर जांच के लिए कतार में खड़े रहना पड़ता है। इससे काफी परेशानी होती है। एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनुराग भार्गव ने बताया कि अस्पताल की ओर से दो अन्य सैंपल बूथ भी बनाए जाएंगे, जिससे मरीजों को जांच के लिए ज्यादा देर के लिए नहीं खड़ रहना पड़ेगा। ----------- आशुतोष यादव 
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