गाजियाबाद। संयुक्त जिला अस्पताल में एक महिला अत्यधिक रक्तस्राव की परेशानी लेकर आई थी। महिला और उसके पति का आरोप है कि अस्पताल के स्त्रीरोग विभाग में चेकअप तक नहीं किया गया और वहां से भगा दिया गया। परेशान होकर वह इमरजेंसी में पहुंचे जहां प्राथमिक उपचार किया गया। बुधवार को दोबारा इमरजेंसी में पहुंचने पर विभाग के चिकित्सकों ने स्त्री रोग विभाग में भेजा उसके बाद उपचार हुआ।
संजयनगर निवासी भोलाराम ने बताया कि उनकी 45 वर्षीय पत्नी कौशल्या को पिछले 10 दिनों से अत्यधिक रक्तस्राव की समस्या हो रही है। हालत अधिक गंभीर होने पर शनिवार को स्त्रीरोग विभाग की ओपीडी में पहुंचे थे। ओपीडी में बैठी चिकित्सक ने बिना चेकअप किए उनको बोला कि पहले खून का टेस्ट कराकर आओ। जब वह लैब पहुंचे तो डेढ़ बजने के कारण खून की जांच नहीं हो सकी। महिला की हालत अधिक खराब होने पर वह दोबारा ओपीडी में गए कि उनका चेकअप कर लिया जाए लेकिन वहां से उनको भगा दिया गया। उसके बाद वह इमरजेंसी में पहुंचे जहां उनका प्राथमिक उपचार किया और महिला घर चली गई। बुधवार को भी अत्यधिक कमजोरी होने और रक्तस्राव न रुकने की समस्या को लेकर वह इमरजेंसी पहुंचे वहां से उनको ओपीडी भेज दिया गया जहां फिर से टेस्ट की रिपोर्ट और अन्य जांच दिखाने की बात कही गई। बाद में अन्य लोगों के दबाव के बाद महिला का इलाज शुरू किया गया। सीएमएस डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि इस मामले की जांच की जाएगी।