एमएमजी अस्पताल में विजयनगर माता कॉलोनी निवासी किशनलाल की 57 वर्षीय पत्नी अंगूरी देवी को पित्त की थैली में पथरी की समस्या होने के बाद भर्ती कराया था। उनका बुधवार को ऑपरेशन हुआ था और एक दिन के बाद बृहस्पतिवार को उनकी मौत हो गई। सर्जन डॉ. महेंद्र कुमार ने पथरी के ऑपरेशन के लिए अंगूरी देवी को 11 जून की सुबह नौ बजे वार्ड में भर्ती कर लिया और दोपहर को पथरी का ऑपरेशन कर दिया।
ऑपरेशन के बाद अंगूरी को सर्जिकल महिला वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन ठीक से नहीं हुआ था। वार्ड में शिफ्ट करने के बाद शाम से ही समस्या होने लगी, लेकिन कोई चिकित्सक उनको देखने नहीं आया। रात को भी तबीयत और ज्यादा खराब हुई इसके बावजूद चिकित्सक देखने नहीं आया, ना ही वहां तैनात स्टाफ नर्स ने समस्या सुनी। सीएमएस डॉ. राकेश कुमार का कहना है कि सर्जरी के बाद मरीज को पानी ना देने की सलाह दी जाती है लेकिन परिजनों ने उनको पानी पिला दिया। इससे ज्यादा तबीयत खराब हो गई।
इस मामले में परिजनों की तरफ से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है लेकिन जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। इसमें फिजिशियन डॉ. संतराम वर्मा, एनेस्थेटिस्ट डॉ. चरण सिंह और आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. शेखर यादव शामिल हैं। तीन दिन के अंदर जांच रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। - डॉ. राकेश कुमार सिंह, एमएमजी के सीएमएस
सुबह हंगामे की सूचना पर पुलिस की टीम पहुंची थी। हालांकि किसी ने तहरीर नहीं दी है। परिजनों को समझाकर हंगामा शांत करा दिया है। - रितेश त्रिपाठी, एसीपी, कोतवाली