फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad News: यादव सिंह आय से अधिक संपत्ति मामले में गवाह ने दर्ज कराया बयान

विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। नोएडा प्राधिकरण के पूर्व मुख्य अभियंता यादव सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत में गवाही हुई। मामले में गवाह आलोक कालरा अदालत में पेश हुए और उनके बयान दर्ज किए गए। गवाही की प्रक्रिया के बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 29 अक्तूबर की तारीख तय की है। वहीं, नोएडा प्राधिकरण से जुड़े एक अन्य घोटाले के मामले में आरोप तय करने को लेकर सुनवाई हुई। इस मामले में अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 22 अक्तूबर की तारीख निर्धारित की है।
विज्ञापन

अभियोजन के अनुसार यादव सिंह ने एक अप्रैल 2004 से चार अगस्त 2015 के बीच नोएडा प्राधिकरण में विभिन्न पदों पर रहते हुए अपनी ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित की। सीबीआई का आरोप है कि यादव सिंह की कुल संपत्ति करीब 23.15 करोड़ रुपये थी, जबकि ज्ञात स्रोतों से उनकी आय करीब 4.51 करोड़ रुपये थी। आरोप है कि आय से अधिक संपत्ति का संतोषजनक हिसाब वह नहीं दे सके।
सीबीआई के मुताबिक कथित तौर पर अवैध धन को वैध दिखाने के लिए फर्जी कारोबारी लेनदेन, असुरक्षित ऋण, फर्जी दान और शेयर एप्लीकेशन मनी का सहारा लिया गया। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि इन प्रविष्टियों के बदले नकद लेनदेन किया गया और इस रकम को वैध आय के तौर पर दिखाने का प्रयास किया गया। मामले में यादव सिंह के परिजनों समेत कुसुम गारमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, केएस अल्ट्राटेक प्राइवेट लिमिटेड, हिचकी क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड और पीजीपी चैरिटेबल ट्रस्ट को भी आरोपी बनाया है। सीबीआई ने इन पर यादव सिंह के साथ आपराधिक साजिश में शामिल होने और कथित तौर पर आय से अधिक संपत्ति को अपने नाम पर रखने में सहयोग करने का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें