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चल पड़े उद्योगों के पहिये,बाधक बन रही मजदूरों की डिमांड

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माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। लॉकडाउन में ढील के साथ ही आर्थिक गतिविधियां भी रफ्तार पकडऩे लगी हैं। अब तक 8019 उद्योग शुरू होने के लिए अनुमति ले चुके हैं। आज मंगलवार को 800 उद्योग संचालकों को जिला उद्योग केंद्र ने अनुमति जारी की। उद्योगों के पहिये चल पड़े हैं लेकिन इनकी रफ्तार बेहद धीमी है। उद्योगों के रफ्तार पकडऩे में अहम भूमिका निभाने वाली मांग और आपूर्ति दोनों बेहद कम हैं। कोरोना से जंग के लिए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण बाजार से डिमांड नहीं के बराबर है और तैयार माल की सप्लाई की राह भी फिलहाल प्रशस्त नहीं है। श्रमिकों की कमी भी मध्यम और लघु उद्योगों के लिए समस्या बन रही है। सरकार की ओर से विशेष ट्रेनें और बस चलाए जाने के बाद काफी संख्या में फैक्टरियों में काम करने वाले मजदूर भी घर लौट गए। हालांकि, कंपनियों की ओर से श्रमिकों को काम पर बुलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ------ क्या कहते हैं उद्यमी :— अभी काम शुरू करने की अनुमति नहीं मिली है। लेकिन सबसे अधिक समस्या श्रमिकों को लेकर है। ट्रेडिंग की अनुमति मिलने के बाद ही काम शुरू हो पाएगा। काम के रफ्तार पकड़ने में काफी समय लगेगा। अभिषेक गुप्ता, स्टील मैन्युफैक्चिरिंग ------ लॉकडाउन में सबसे अधिक इंटरनेशनल मार्किट पर असर पड़ा है। हमारा एक्सपोर्ट का काम है। धीरे—धीरे काम शुरू किया गया है। सबसे अधिक परेशानी मजदूरों को लेकर है। मजदूर कम मिल रहे हैं। जो मिल भी रहे हैं उन्होंने अपना पारिश्रमिक बढ़ा दिया है। लेबर कास्ट बढ जाने से व्यापार पर फर्क पड़ेगा। अभी इंटरनेशनल एक्सपोर्ट नहीं शुरू हुआ है। ई—कामर्स के लिए काम शुरू कर दिया गया है। सर्वज्ञ अग्रवाल, हेयर कलर मैन्युफैक्चिरिग ------ इलेक्ट्रिक पैनल बनाते हैं सरकार ने जो घोषणा की है। ये तो बड़ी फैक्टरियों के लिए है। हम लोग छोटे स्टाफ के साथ काम करते हैं। फैक्टरी तक लेबर पहुंच सके इसके लिए प्रशासन और पुलिस भी नरम होना होगा। मजदूर मार के डर से निकल नहीं रहे। मजदूरों को फैक्टरी तक आने में परेशान नहीं किया जाए। सरकार ने उद्योग को चलाने की छूट तो दी है। लेकिन वो बड़े व्यापारियों को ही छूट दे रही है। छोटे व्यापारियों के लिए भी सरकार को कुछ सोचना चाहिए। छोटे कारोबारियों का एक छोटा सा इंश्योरेस ही सरकार की तरफ से हो जाए। सरकार को मेडिकल की सुविधा भी देनी चाहिए। साकेत अग्रवाल,इलेक्ट्रिक पैनल निर्माता -------
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