संवाद न्यूज एजेंसी
गाजियाबाद। विजय नगर थाने के सामने सड़क पर लगने वाली साप्ताहिक पैंठ को पुलिस ने सेना की खाली पड़ी जमीन पर स्थानांतरित कर दिया है। हालांकि सेना के अधिकारियों ने अपनी जमीन पर पैंठ लगाने देने से मना किया। एसीपी कविनगर ने सेना के अफसरों से वार्ता कर एक दिन की अनुमति ले ली है। जिसके बाद सेना की जमीन पर साप्ताहिक पैंठ बाजार देर शाम तक गुलजार रहा।
सिटी जोन में सड़कों पर लगने वाले साप्ताहिक पैंठ बाजार को स्थानांतरित करने की शुरुआत बृहस्पतिवार को विजयनगर से की गई। दोपहर दो बजे थाने के सामने सड़क पर दुकानदारों ने रेहड़ी पटरी लगानी शुरू की। मौके पर पहुंचे एसीपी कोतवाली रितेश त्रिपाठी ने दुकानदारों को सड़कों पर साप्ताहिक पैंठ न लगाने को कहा। इस पर दुकानदारों ने पैंठ बाजार लगाने के लिए खाली स्थान की मांग की।
मौके पर मौजूद सैकड़ों दुकानदारों की परेशानी को देखकर एसीपी ने हाल ही में कब्जामुक्त कराई गई सेना की जमीन पर साप्ताहिक पैंठ लगाने को कहा। दुकानदारों ने सेना की जमीन में रेहड़ी पटरी व सामान से सजाने शुरू किए। इसी दौरान सेना के अधिकारी मौके पर पहुंचे और दुकानदारों को पैंठ लगाने से रोक दिया। एसीपी रितेश त्रिपाठी ने सेना के अधिकारियों से एक दिन के लिए पैंठ लगाने की अनुमति लेकर साप्ताहिक पैंठ बाजार लगवाया। देर शाम तक सेना की जमीन में साप्ताहिक पैंठ बाजार गुलजार रहा।
-विजयनगर में लगते हैं चार पैंठ बाजार-
विजय नगर में सोमवार और बृहस्पतिवार को थाने के सामने, शनिवार को प्रताप विहार और बुधवार को सेक्टर-11 में साप्ताहिक पैंठ बाजार लगते हैं। शनिवार को प्रताप विहार में लगने वाले साप्ताहिक पैंठ बाजार के लिए पुलिस ने दुकानदारों से वार्ता की। साप्ताहिक पैंठ बाजार रेहड़ी पटरी स्व मजदूर संघ संबंध भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री प्रदीप कुमार शर्मा ने बताया कि तय हुआ कि सड़क किनारे बल्लियां लगाई जाएंगी। मैदान की बैरिकेडिंग की जाएगी। बाजार में टेबल का प्रयोग नहीं होगा। बाहरी जनपदों और राज्यों के दुकानदारों पर समिति को रोक लगानी होगी। किसी भी दशा में साप्ताहिक पैंठ से संबंधित वाहन या फेहरी सड़कों पर नहीं होगी।
एसपी कोतवाली रितेश त्रिपाठी ने बताया कि सड़कों पर लगी साप्ताहिक पैंठ को सेना की जमीन पर स्थानांतरित कर दिया गया है। दुकानदार भी सड़कों पर बाजार न लगाने पर सहमत हैं। सड़कों पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करना ही पुलिस का उद्देश्य है। किसी भी पैंठ बाजार को बंद नहीं केवल स्थानांतरित किया जा रहा है।