500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद अब शादियों में ऑनलाइन शगुन देने और लेने का अनोखा तरीका शुरू हो गया है। लोगों ने शगुन लेने के लिए शादी के कार्ड पर अपना बैंक अकाउंट नंबर और पेटीएम बार कोड तक छपवा दिया है ताकि शगुन की धनराशि सीधे अकाउंट में आ सके।
कई लोग शगुन देने के लिए प्लास्टिक मनी (डेबिट और क्रेडिट कार्ड) का उपयोग भी कर रहे हैं।500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद शादी वाले घरों में परेशानी बढ़ गई है। सबसे अधिक परेशानी शगुन के लिफाफे से है। आलम यह है कि शादी में आने वाले ज्यादातर रिश्तेदार और दोस्त पुराने 500-1000 के नोट दे रहे हैं, जिन्हें बैंक में जमा कराना बड़ी चुनौती है।
इसे देखते हुए लोग अब शादी के कार्ड पर अकाउंट नंबर लिखवाने के साथ ही पेटीएम बार कोड देकर लोगों से आनलाइन शगुन देने की अपील कर रहे हैं।वसुंधरा सेक्टर-19 निवासी प्रेमशंकर ने बताया कि उनकी बेटी की शादी 20 नवंबर को है।
करीब एक माह पहले ही कार्ड छपवा दिए थे, लेकिन कुछ रिश्तेदारों ने कॉल कर बताया कि शगुन में पुराने नोट आएंगे तो बहुत परेशानी होगी। दिल्ली निवासी एक मित्र संजय चौहान ने अपने यहां शादी के कार्ड में अकाउंट नंबर और पेटीएम बार कोड छपवाया है।
उनको देखकर मैंने भी अब एक सप्लीमेंट्री कार्ड छपवाया है, जिसमें बैंक अकाउंट नंबर और पेटीएम का बार कोड दिया गया है। रिश्तेदार इसके जरिए आसानी से शगुन की रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कर सकते हैं। ट्रांस हिंडन के कई लोग अब अपने कार्ड में अकाउंट नंबर छपवाने जा रहे हैं।
शगुन के लिए गिफ्ट कार्ड का भी सहारा
नोट बंद होने के बाद अब ट्रांस हिंडन के लोग शादियों में शगुन देने के लिए गिफ्ट कार्ड का भी सहारा ले रहे हैं। दरअसल, आप जितना शगुन देना चाहते हैं उतने ही रुपये अपने अकाउंट से किसी भी बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर के अकाउंट में ट्रांसफर कर एक गिफ्ट कार्ड ले सकते हैं। इस गिफ्ट कार्ड को शगुन के रूप में शादियों में दिया जा रहा है।
यह गिफ्ट कार्ड डेबिट कार्ड के रूप में डिपार्टमेंटल स्टोर्स में शॉपिंग के लिए काम आ सकता है।
शगुन के लिए रिश्तेदार भी मांग रहे अकाउंट नंबर
बेटे की शादी 16 नवंबर को है लेकिन रिश्तेदार लगातार कॉल कर बैंक अकाउंट नंबर मांग रहे हैं। उनका कहना है कि शगुन देने के लिए कैश नहीं है तो अकाउंट में ही रुपये ट्रांसफर करेंगे।
- सुंदर शर्मा, निवासी वसुंधरा सेक्टर-12
25 नवंबर को शादी है तो अभी से रिश्तेदारों के कॉल्स आने शुरू हो गए हैं। शगुन देने के लिए बैंक अकाउंट नंबर मांग रहे हैं। अब सभी के लिए एक सप्लीमेंट्री कार्ड छपवाकर व्हॉट्सएप कर रहे हैं।
- चंद्रमणि आर्या, निवासी वैशाली सेक्टर-4