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बदलता मौसम बना सकता है डिप्रेशन का शिकार

Sat, 24 Dec 2016 10:20 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
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सर्दी का मौसम - फोटो : अमर उजाला
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मौसम में बदलाव और सर्दी बढ़ने के साथ ही लोगों में डिप्रेशन की समस्या बढ़ने लगती है। सर्दियों में डिप्रेशन की मरीजों की संख्या 10 फीसदी तक बढ़ जाती है। मनोचिकित्सकों का कहना है कि सर्दी में कई लोगों के सामाजिक क्रियाकलापों में कमी आ जाती है। वे अपने रोजमर्रा के काम के बाद घर पर ही रहना पसंद करते हैं, जिसकी वजह से डिप्रेशन में आने की संभावना बढ़  जाती है।
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मनोचिकित्सक डा. संजीव त्यागी ने बताया कि सर्दियों में लोगों में सेरेटिनिन नाम के हार्मोन की कमी हो जाती है। यह हार्मोन खुशी को बढ़ाने का कारक होता है। सर्दियों के मौसम में डिप्रेशन के मरीजों की संख्या सामान्य से दस फीसदी तक बढ़ जाती है। यह समस्या सबसे ज्यादा महिलाओं और बुजुर्गों को होती है।

ठंड की वजह से शारीरिक श्रम में भी कमी हो जाती है और इसकी एक बड़ी वजह है धूप की कमी हो जाना भी है। धूप से शरीर को विटामिन डी तो मिलता है, सेरेटिनिन हार्मोन भी बढ़ता है।
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क्या करें उपाय
- सर्दियों में धूप का आनंद लें।
- जहां तक हो सके तो परिवार के लोगों के बीच रहें।

- अकेले कमरे में बंद नहीं रहें।
- मन में नकारात्मक विचार नहीं आने दें।

- अकेले हों तो पसंद के गाने सुनें।
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