वेव सिटी से प्रभावित किसानों की रविवार को नायफल गांव में पंचायत हुई। पंचायत में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे 18 गांवों के किसानों ने विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का एलान किया।
किसान संघर्ष समिति की ओर से हुई पंचायत में सभी किसानों व मजदूरों से वोट नहीं डालने की अपील की गई। किसानों की इस घोषणा का प्रभाव मुरादनगर, धौलाना और दादरी विधानसभा की सीटों पर पड़ेगा। किसानों की पंचायत को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
विभागीय प्रशासन के कई अधिकारी किसानों को समझाने और बातचीत के लिए पहुंचे। पंचायत में किसानों की भारी भीड़ के चलते रविवार दोपहर नायफल गांव में गहमागहमी का माहौल रहा।
किसान नेता टीकम नागर ने बताया कि किसानों की जमीन लेते समय वेव सिटी बिल्डर से लिखित व मौखिक समझौते हुए। यह समझौते दादरी एसडीएम व जीडीए के पूर्व वीसी संतोष कुमार यादव की अध्यक्षता में हुए।
लेकिन समझौतों को अमल में नहीं लाया गया। और किसानों को उनके अधिकारों से वंचित कर जमीनों पर जबरन बहुमंजिला इमारतों का निर्माण कराया जा रहा है। किसानों का नायफल गांव में पिछले साल सितंबर से धरना प्रदर्शन जारी है।
उन्होंने कहा कि उनकी समस्या के समाधान के लिए कोई जनप्रतिनिधि आगे नहीं आया। इसलिए उन्होंने मजबूरन विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। पंचायत में नायफल, इकला, बयाना, काजीपुरा, महरौली, दुरयायी, मौजपुर, कचैरा, दुजाना सहित विभिन्न गांवों के किसान मौजूद रहे।
इस मौके पर राजू शर्मा, विवेक शर्मा, विनोद शर्मा, लोकेश कुमार, संजय शर्मा, नीतू शर्मा, प्रदीप शर्मा, नितिन प्रधान, बाबूराम शर्मा, सतीश नागर, प्रमोद कुमार, विनोद, सुरेश, बिजेंद्र सहित तमाम किसान मौजूद रहे।