गढ़मुक्तेश्वर। गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने से खादर क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। सोमवार शाम तक गंगा का जलस्तर घटकर 198.25 मीटर पर पहुंच गया था, लेकिन बिजनौर बैराज से करीब दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद मंगलवार को जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई। शाम तक गंगा का जलस्तर 198.40 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी के निशान से ऊपर बह रही है।
जलस्तर बढ़ने के साथ ही खादर क्षेत्र में गंगा किनारे बसे ग्रामीणों को दोबारा बाढ़ का डर सताने लगा है। कुदैनी की मढ़ैया, काकाठेर, चकलठीरा और मेला रोड समेत आसपास के निचले इलाकों में पानी पहुंचने की संभावना बढ़ गई है। ग्रामीण राकेश कुमार का कहना है कि पिछले दिनों जलस्तर कम होने से उन्हें राहत मिली थी, लेकिन बैराज से बड़े पैमाने पर पानी छोड़े जाने के बाद स्थिति फिर चिंताजनक हो गई है। जलस्तर बढ़ने के कारण गंगा किनारे रहने वाले लोगों की निगाहें लगातार नदी के जलस्तर पर टिकी हुई हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि बैराज से पानी का डिस्चार्ज लगातार जारी रहा और जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी होती रही तो खादर क्षेत्र के कई रास्तों और निचले स्थानों पर पानी पहुंच सकता है। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर भी गंगा के जलस्तर की लगातार निगरानी कराई जा रही है। एसडीएम ने कहा कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की अपील की जा रही है, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर घटने के बाद उन्हें राहत मिली थी, लेकिन अचानक हुई बढ़ोतरी ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।
एसडीएम श्रीराम यादव का कहना है कि प्रशासन टीम को सतर्क किया हुआ है, गांवों में लगातार निरीक्षण किया गया है, फिलहाल हालात सामान्य हैं। मंगलवार शाम तक जलस्तर 198.40 मीटर दर्ज किया गया है।