बुलंदशहर। दिल्ली-गाजियाबाद समेत अन्य जनपदों में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामले देख मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी हैं। नए चिकित्सालय भवन के तृतीय तल पर 15 बेड आरक्षित कर फ्लू वार्ड तैयार किया जाएगा। जिससे मरीज मिलने पर उसे भर्ती कर समय से उपचार मिल सके। इसके लिए आवश्यक दवाएं व अन्य सुविधाओं को जुटाने में मेडिकल कॉलेज प्रशासन जुट गया है। हालांकि अभी तक जिले में इस तरह का मामला सामने नहीं आया है।
वहीं, किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने और मरीजों को तुरंत इलाज मुहैया कराने के लिए मेडिकल कॉलेज में एक विशेष वार्ड आरक्षित किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के अफसरों के अनुसार आरक्षित वार्ड में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट और जरूरी जीवन रक्षक दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की विशेष टीमें तैनात की जाएगी। जिससे मरीज मिलने पर उसे तत्काल इलाज मिल सके। साथ ही जांच को लेकर भी व्यवस्था की जा रहीं हैं। यदि किसी मरीज में फ्लू की पुष्टि या गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे आरक्षित वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा।
संक्रमण का स्वरूप और लक्षण
फ्लू एक तेजी से फैलने वाला श्वसन संक्रमण है। यह मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति की खांसी या छींक से निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से फैलता है। संक्रमित सतहों को छूने और फिर अपने चेहरे को छूने से भी संक्रमण हो सकता है। हाथ मिलाने जैसे सीधे संपर्क से भी यह फैल सकता है। इसके सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, नाक बहना और लगातार खांसी शामिल हैं। गले में खराश, सिर दर्द, बदन दर्द, ठंड लगना और आंखों में लालिमा भी इसके प्रमुख संकेत हैं।
सावधानियां बरतने की अपील
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. रमित कुमार ने कहा कि लोग फ्लू को लेकर घबराएं नहीं, बल्कि सतर्कता बरतें। सावधानी बरतकर ही इस बीमारी से निजात मिल सकती हैं। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें या मास्क लगाएं। साथ ही खांसते-छींकते समय मुंह और नाक ढकने व हाथों की स्वच्छता रखने पर भी ध्यान दें।
कोट
नए भवन के तृतीय तल पर 15 बेड का एक वार्ड फ्लू मरीजों के लिए आरक्षित किया जा रहा है। इसमें मरीजों को जांच, दवा व अन्य सुविधाएं मिलेंगी। - डॉ. धीर सिंह, चिकित्सा अधीक्षक मेडिकल कॉलेज