लोनी। बरसात का पानी भरने से प्रकाश विहार कॉलोनी स्थित छह मकान की दीवार गिर गई। जबकि इनके आसपास के 18 मकानों में दरार आ गई हैं। हालांकि गनीमत यह रही कि दीवार गिरने से पहले ही मकानों में रहने वाले लोग बाहर आ गए थे। इससे बड़ा हादसा होने से बच गया। सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। बेघर हुए लोग पड़ोसियों और रिश्तेदारों के घर पर शरण ली है।
प्रकाश विहार कॉलोनी निवासी रमेश ने बताया कि बुधवार से हो रही बारिश के बाद आसपास इलाकों में पानी भर गया। उनके घर के पीछे नर्सरी में पानी भरने से उनके मकान कमजोर होने लगे। नर्सरी की मिट्टी बैठ गई। मिट्टी के बैठने से बुधवार रात उनके मकान में दरार आ गईं। इसके चलते उन्होंने परिवार के साथ मकान खाली कर दिया। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार रात मकान के पिछले हिस्से की दीवार ढह गई। वहीं, राजमिस्त्री सोहन ने बताया कि बारिश के चलते मकान की पिछली दीवार गिर गई। हालांकि घटना के समय घर के लोग बाहर निकल गए थे। वहीं, पास में रहने वाले रमन समेत पप्पू, छोटेलाल, सतपाल के मकान का पिछला हिस्सा ढह गया। जबकि गली में रहने वाले मनोज, चंद्रपाल, अनिल, शत्रुघन, बनवारी लाल, राकेश, नीशु, मनीष कुमार, अनिल, गौरव, अमन, उमेश, राकेश, प्रेमवती, नितेश, राजेंद्र, बनवारी, कमलेश, चंद्रपाल, मनाेज व अभय के मकानों में दरार आ गई। लोगों ने मकानों के गिरने की आशंका के चलते घर खाली कर दिए हैं। लोगों का आरोप है कि उन्होंने मामले की सूचना पुलिस व नगर पालिका अधिकारियों को दी है।
मकान से दूर रहने की बात कही
घटना के बाद पुलिस ने मौका मुआयना किया और लोगों को मकान से दूर रहने की बात कहीं। इसके बाद लोगों ने आसपास के लोगों के मकानों में शरण ली है। वहीं, हिंदू रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष अमित प्रजापति ने एसडीएम को पत्र लिखकर नर्सरी से जल निकासी कराए जाने, पीड़ित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर बसाने व मकानों का सर्वे कराकर पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। नायब तहसीलदार लीलू सिंह ने बताया कि मकानों की रिपोर्ट के लिए सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि पीड़ितों को शासन आदेश के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।