गाजियाबाद। एसआईआर अभियान में मतदाताओं की बेरुखी की वजह से बूथ लेवल ऑफिसर(बीएलओ) घनचक्कर बने हुए हैं। फाॅर्म देने के बाद उसके वापस लेने के लिए 10-10 चक्कर लगा रहे हैं। इसके बावजूद लोग फाॅर्म भरकर नहीं दे रहे हैं। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों से भी सहयोग लिया जा रहा है लेकिन काम नहीं आ रहा है।
अधिकतर बूथों पर 50 फीसदी फाॅर्म अभी तक जमा ही नहीं हो पाए हैं। इसका प्रमुख कारण पिछले दो दिनों से बीएलओ एप का धीमा चलना भी बताया जा रहा है। रविवार को चलाए गए विशेष अभियान को अंतिम अवसर मानकर अन्य दिनों की अपेक्षा फाॅर्म जमा करने वालों की संख्या कुछ अधिक रही।
कविनगर स्थित जैनमति उजागरमल जैन इंटर कॉलेज में तैनात बीएलओ कल्पना चौधरी ने बताया कि उनके पास एक हजार से अधिक मतदाताओं के फार्म हैं सत्यापन के लिए। उन्होंने बताया कि कविनगर में रहने वाले एक एमएलसी के यहां 24 नवंबर को फाॅर्म देकर आया गया है। कई बार उनके घर जाने के बाद भी अभी तक फाॅर्म भरकर नहीं मिला है। वहीं बीएलओ वनीता ने बताया कि एक-एक कोठी पर छह से सात बार चक्कर लगाकर आए हैं।
वहां गार्ड बाहर से ही भेज देता है कि अभी फाॅर्म नहीं मिल रहा है बाद में आना। आरडब्ल्यूए सदस्यों को लेकर जाने पर भी उनका रवैया यही रहता है कि अभी फाॅर्म नहीं भरा है। बाद में फाॅर्म देंगे। कविनगर स्थित केडीबी स्कूल के बूथ पर बैठे बीएलओ ने बताया कि घर पर जाने पर कोई कहता है कि फाॅर्म नहीं मिल रहा। कोई कहता है कि पति कहीं रखकर चले गए हैं बाद में आना। एक-एक घर के तीन बार क्या दस बार चक्कर लगा चुके हैं।