गाजियाबाद। संपत्तिकर बढ़ाने का विरोध तेज होता जा रहा है। नगर निगम के आदेश के विरोध में रविवार को काजीपुरा में पंचायत का आयोजन किया गया। पूर्व पार्षदों ने महापौर और निगम अधिकारियों पर जमकर भड़ास निकाली। पंचायत में फैसला लिया गया कि 31 जनवरी तक संपत्तिकर बढ़ाने का आदेश वापस नहीं लिया गया तो नगर निगम के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। निगम मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और धरना शुरू किया जाएगा। हर वार्ड में पंचायत कर जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
बसपा महानगर अध्यक्ष आनंद चौधरी के निवास पर आयोजित पंचायत में पूर्व पार्षद हिमांशु लव ने कहा कि तत्कालीन सदन में डीएम सर्किल रेट के हिसाब से संपत्तिकर बढ़ाने का प्रस्ताव लाया गया था, जिसे सभी पार्षदों ने एक आवाज में निरस्त कर दिया था। प्रशासनिक अधिकारी सदन को दरकिनार कर जनता पर अपने फैसले थोप रहे हैं। इसके विरोध में सभी मौजूदा और पूर्व पार्षदों, जन प्रतिनिधियों को एक होकर आवाज उठानी होगी, अन्यथा अफसरों की मनमानी के कारण ऐसे और भी फैसले लिए जाएंगे। जन प्रतिनिधियों का कर्म और धर्म जनता के हित में काम करना है, जनता के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। पूर्व पार्षद आनंद चौधरी ने कहा कि संपत्तिकर बढ़ाने के नाम पर नगर निगम को जनता के साथ अन्याय नहीं करने दिया जाएगा। ये किसी एक घर की लड़ाई नहीं बल्कि गाजियाबाद के 100 वार्डों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि महापौर सुनीता दयाल को जनता ने तीन लाख से अधिक वोट देकर इसलिए नहीं जिताया कि नगर निगम एक के बाद एक आर्थिक बोझ जनता पर डाले। हमें उम्मीद थी कि महापौर निगम अफसरों के फैसले का विरोध करेंगी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
पूर्व पार्षद मनोज चौधरी ने कहा कि डीएम सर्किल रेट के हिसाब से संपत्ति कर बढ़ाकर निगम ने जनता पर बेहिसाब आर्थिक बोझ डालने का काम किया है। सदन के अंदर रहकर मौजूदा पार्षदों को इस जन विरोधी फैसले के खिलाफ आवाज मुखर करनी होगी। महापौर 31 जनवरी तक इस मामले में कोई ठोस कदम उठाएं। कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर इस आदेश को खारिज कराएं या फिर नगर आयुक्त आदेश को वापस लें। ऐस नहीं हुआ तो जरूरत पड़ने पर शहर का चक्काजाम भी किया जाएगा। पार्षद नरेश जाटव ने कहा कि किसी भी कीमत पर जनता का अहित नहीं होने देंगे। पंचायत में पूर्व पार्षद पति चेतन यादव, पूर्व पार्षद माया देवी, मोहम्मद कल्लन, रजनीश चौधरी, सोनवीर सोनी, मुकेश गौतम, जाट महासभा भारतीय के अध्यक्ष आनंद चौधरी प्रदेश महासचिव सोनवीर चौधरी, मुकेश गौतम ने एक स्वर में संपत्तिकर बढ़ाने का विरोध किया।
निगम में भ्रष्टाचार का खेल, व्यवस्था फेल
पूर्व पार्षद जाकिर अली ने कहा कि नगर निगम में जबरदस्त तरीके से भ्रष्टाचार बढ़ गया है। सदन में कोई पार्षद भ्रष्टाचार का मामला उजागर करता है तो उसे गर्दन काटने की धमकी दी जाती है। निगम में फैले भ्रष्टाचार को खत्म कर दिया जाए तो आमदनी खुद ही बढ़ जाएगी। महापौर को सभी अधिकारियों को बुलाकर कमीशन नहीं लेने की शपथ दिलानी चाहिए। निगम का 70 प्रतिशत पैसा भ्रष्ट तंत्र में खर्च हो रहा है।
कूड़े के नाम पर चल रही धांधली
पार्षद मोहम्मद कल्लन ने कहा कि उनका वार्ड दिल्ली के सीमापुरी से सटा हुआ है। नगर निगम ने उसी ठेकेदार को कूड़ा उठाने का ठेका दिया हुआ है जो दिल्ली से उठाता है। दिल्ली में 2400 रुपये प्रति टन और गाजियाबाद में 1700 रुपये प्रति टन के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। दिल्ली का कूड़ा उठाकर गाजियाबाद के क्षेत्र में डाल दिया जाता है। ठेकेदार एक ही कूड़े का दिल्ली और गाजियाबाद से भुगतान लिया जा रहा है। इस संबंध में निगम अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।