गठबंधन की संभावना के बीच समाजवादी पार्टी द्वारा साहिबाबाद सीट पर प्रत्याशी घोषित होने के बाद समीकरण एक बार फिर बदलते दिखाई दे रहे हैं। गठबंधन के प्रत्याशी को फायदे की उम्मीद थी मगर अब चुनाव कांग्रेस और सपा दोनों के लिए मुश्किल होता दिख रहा है।
लखनऊ में साहिबाबाद से वीरेंद्र यादव को सपा से टिकट मिलने की घोषणा के बाद उनके समर्थकों ने साहिबाबाद में मिठाई बांटी। वीरेंद्र ने दावा किया कि शनिवार तक सभी समर्थकों से चर्चा कर नॉमिनेशन की डेट फाइनल कर देंगे।
उधर, विधायक और कांग्रेस से टिकट की उम्मीद लगाए बैठे विधायक अमरपाल शर्मा ने वीरेंद्र को टिकट मिलने की खबर को गलत बताया। उन्होंने कहा कि गठबंधन अभी फाइनल होना बाकी है। उन्हें ही साहिबाबाद से सीट मिलेगी।
अमरपाल भले ही गठबंधन का दावा कर रहे हों मगर दोनों पार्टियों के अलग चुनाव लड़ने की स्थिति में दोनों को ही नुकसान उठाना पड़ेगा। कांग्रेस और सपा के कमजोर होने की स्थिति में मुस्लिम वोटर बसपा के जलालुद्दीन की ओर खिसक सकता है।