गाजियाबाद। लोकसभा चुनाव की नामांकन प्रकिया शुरू होने के बाद जिले में वीआईपी और वीवीआईपी का आवागमन भी बढ़ गया है। औसतन रोजाना दो से तीन वीआईपी और वीवीआईपी जिले की सीमा से होकर निकल रहे हैं। इस कारण से डॉक्टरों सहित अन्य पैरामेडिकल स्टॉफ उनकी सेवा में जिला छोड़ने तक साथ रहते हैं। 15 से 31 मार्च तक जिले में 15 वीआईपी और वीवीआईपी का आगमन हो चुका है। इसमें राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केरल के मुख्यमंत्री का साहिबाबाद में कार्यक्रम, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक कई बार आ चुके हैं। बुधवार को केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह आ रहे हैं जबकि छह अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोड शो करेंगे।
वीआईपी, वीवीआईपी के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. चरण सिंह ने बताया कि वीआईपी ड्यूटी में एक एंबुलेंस में डॉक्टर व पैरामेडिकल की टीम जा रही है। वीवीआईपी ड्यूटी में तीन से पांच मेडिकल टीमें और तीन एंबुलेंस तैनात की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि वीवीआईपी ड्यूटी में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शामिल हैं। वीआईपी की श्रेणी में दूसरे प्रदेशों के राज्यपाल, विपक्ष के नेता और जेड प्लस श्रेणी सुरक्षा प्राप्त हस्तियां शामिल हैं।
15-15 दिन संयुक्त व एमएमजी अस्पताल के डॉक्टरों की लग रही ड्यूटी
किसी वीआईपी या वीवीआईपी के आगमन पर सीएमओ स्तर से दो जिला अस्पतालों एमएमजी और संयुक्त अस्पताल के डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जा रही है। इस कारण अक्सर दोनों अस्पतालों की ओपीडी में बैठने वाले डॉक्टरों को वीवीआईपी ड्यूटी में भेजा जाता है। कई बार स्थिति यह हो रही है कि मरीजों के इलाज के लिए ओपीडी में एक या दो डॉक्टर ही मौजूद होते हैं। कई बार तो रात ड्यूटी करके लौटे डॉक्टर को भी सुबह की ओपीडी में बुलाया जा रहा है।
31 मार्च से लगातार चेस्ट फिजिशियन वीवीआईपी ड्यूटी में
संयुक्त अस्पताल में कार्यरत एक मात्र चेस्टफिजिशियन डॉ. राहुल वर्मा लगातार वीआईपी और वीवीआईपी ड्यूटी कर रहे हैं। अस्पताल में फिजिशियन कोई नहीं हैं, इस कारण से वही चेस्ट और फिजिशियन के रूप में मरीजों का इलाज कर रहे हैं। उनके अस्पताल में नहीं रहने से मरीजों को परेशानी हो रही है।
सीएमओ डॉ.भवतोष शंखधार का कहना है कि चुनाव के समय किसी व्यक्ति विशेष के लिए ड्यूटी नहीं लगाई जाती। जिन लोगों को जेड प्लस सुरक्षा रहती है, उनके लिए स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराई जा रही है।
ड्यूटी मानक
वीआईपी ड्यूटी : एक डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट, एक इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन, एक वार्डबॉय और एक एबुलेंस चालक
वीवीआईपी ड्यूटी : एक फिजिशियन, एक सर्जन, एक एनेस्थेटिस्ट, एक फार्मासिस्ट, एक इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन, एक वार्डबॉय और एक एबुलेंस चालक
प्रमुख वीवीआईपी ड्यूटी
31 अप्रैल को मेरठ प्रधानमंत्री की रैली में - एक टीम एमएमजी व एक टीम संयुक्त अस्पताल की
एक अप्रैल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हिंडन आगमन पर एक टीम।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के प्रेसवार्ता में एक टीम
दो अप्रैल
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य हिंडन
तीन अप्रैल
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का संभावित आगमन - एक टीम
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक हिंडन आगमन के बाद नोएडा - एक टीम
छह अप्रैल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रोड शो - जिले के अलावा हापुड़, बुलंदशहर और नोएडा की भी टीम आएंगी।
सीने में कई दिन से दर्द, नहीं मिल रहे मरीज
डासना से आए राकेश ने बताया कि उनके सीने में कई दिन से दर्द हो रहा है। पहले डासना में दवाई ली, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। संयुक्त अस्पताल में आने पर बाताया जाता है कि आज डॉक्टर नहीं हैं। तीन दिन से इलाज के लिए आ रहा हूं।
सात तारीख के बाद बुलाया
सिहानी निवासी रजनीश दूबे ने बताया कि पेट में दर्द की परेशानी है। दवाई लेने के बाद आराम मिलता है, कुछ देर के बाद फिर से दर्द शुरू हो जाता है। मंगलवार को संयुक्त अस्पताल में दिखाने गया तो बताया गया कि डॉक्टर नहीं हैं। सात तारीख के बाद आना।